योगी आदित्यनाथ (सोर्स-सोशल मीडिया) 
अयोध्या

हनुमानगढ़ी विवाद: CM योगी के दावे से यूपी की गरमाई सियासत, बृजभूषण शरण सिंह के बाद अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

Hanumangarhi Controversy: हनुमानगढ़ी को लेकर CM योगी के बयान पर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।

करुणा नंद शाहवाल

UP Politics BJP VS SP ON Hanumangarhi: अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री के इस दावे पर पहले भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने असहमति जताई और कहा कि उनके अनुभव के अनुसार हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। इसके बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुख्यमंत्री के बयान को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए हनुमानगढ़ी का विवाद खड़ा कर रही है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए और गलत दावे करने वालों को हनुमानगढ़ी से क्षमा मांगनी चाहिए। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी के निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का योगदान रहा था, जिसका उल्लेख वहां लगे शिलालेख में दर्ज है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया था कि कुछ राजनीतिक दलों ने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किया था। इस बयान के बाद प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।

बृजभूषण ने दावे को बताया गलत

दोनों नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि वह बचपन से हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए जाते रहे हैं और वहां इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। बृजभूषण शरण सिंह ने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी के निर्माण में एक मुस्लिम व्यक्ति का योगदान रहा था। इसका उल्लेख वहां लगे शिलालेख में भी दर्ज है।

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला

उधर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में मुख्यमंत्री के दावे को मिथ्या प्रचार करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले से ध्यान भटकाने के लिए हनुमानगढ़ी का मुद्दा उठा रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग हनुमानगढ़ी को लेकर गलत प्रचार कर रहे हैं, उन्हें अपने कथित महापाप का प्रायश्चित करना चाहिए और हनुमानगढ़ी से क्षमा मांगनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जहां-जहां भाजपा और उसके सहयोगी हैं, वहां भ्रष्टाचार, गबन और लूट के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अभी केवल पहली परत खुली है और आगे और भी खुलासे होंगे।

सीएम योगी के बयान से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दौरे के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि जो दल आज आस्था की बात करते हैं। उन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किया था।

मुख्यमंत्री ने सवाल किया था कि क्या जामा मस्जिद में कभी हनुमान चालीसा का पाठ कराया जा सकता है, फिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम किसने कराया था।

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