अयोध्या राम मंदिर (सोर्स-सोशल मीडिया) 
अयोध्या

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI जांच की याचिका खारिज की, SC में पहले से लंबित है केस

Allahabad High Court: राम मंदिर कथित चढ़ावा चोरी मामले में CBI जांच की मांग वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

करुणा नंद शाहवाल

Ayodhya Ram Mandir Donation Cas: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया है। यह याचिका मोहित अशोक की ओर से दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को बताया कि इसी विषय से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए हाईकोर्ट में समान मुद्दे पर सुनवाई का औचित्य नहीं है।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस राजन राय और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी। इससे पहले भी राम मंदिर के चंदे के कथित दुरुपयोग और सीबीआई जांच की मांग को लेकर कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दायर की जा चुकी हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर अंतिम निर्णय की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।

SC में पहले से लंबित है मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह निर्णय दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद लिया। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को सूचित करते हुए कहा कि इसी मुद्दे से संबंधित एक याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसके चलते हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई का कोई औचित्य नहीं बनता है।

आरजेडी नेता ने SC में दायर की याचिका

दरअसल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह के द्वारा पिछले हफ्ते शुक्रवार को दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसमें उन्होंने राम मंदिर में चंदा चोरी के कथित मामले में CBI जांच की मांग की थी।

साथ ही उन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट को यह निर्देश भी देने की मांग किया कि मंदिर के ट्रस्ट 5 फरवरी, 2020 को अपने गठन के बाद से मिले हुए सभी तरह के चंदे राशि के बारे में विस्तृत जानकारी कोर्ट के सामने पेश करे। लेकिन इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर में दान की गई धनराशि के दुरुपयोग की कोर्ट की देखभाल में निष्पक्ष रुप से जांच की मांग करने वाली 2 याचिकाओं पर सुनवाई करने से मना कर दिया।

SC में कई चीजों को लेकर लगाई गुहार

जनहित याचिका में मांग की गई है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि मांगी गई राहतें केवल ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और सार्वजनिक दान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने तक सीमित हैं। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि जांच पूरी होने तक ट्रस्ट से जुड़े सभी वित्तीय रिकॉर्ड, जैसे फिजिकल दस्तावेज, डिजिटल लेजर, यूपीआई लेन-देन का डेटा और बैंक स्टेटमेंट सुरक्षित रखे जाएं, ताकि किसी भी संभावित साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके।

HC सुनवाई करने से किया इनकार

हालांकि, इससे पहले भी राम मंदिर में प्राप्त दानराशि के कथित दुरुपयोग की कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग को लेकर दायर दो याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से इनकार कर चुका है।

ये याचिकाएं अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और अधिवक्ता जसवंती ए. की ओर से दायर की गई थीं। अब इस मामले से जुड़ी एक अन्य जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसमें कथित चढ़ावा चोरी की सीबीआई जांच और ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत करने की मांग की गई है।

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