Ram Mandir Meeting Trust To Discuss On Some Points: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक सोमवार 6 जुलाई 2026 को होने जा रही है। यह बड़ी और खास बैठक अयोध्या के मणि राम दास छावनी में दोपहर 3 बजे से पूरे विधिवत रूप से आयोजित की जाएगी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने ट्रस्ट के अध्यक्ष की विशेष अनुमति से यह आपात बैठक बुलाई है। इस अहम बैठक को लेकर 28 जून 2026 को ही एक आधिकारिक नोटिस जारी कर सभी सदस्यों को सूचना दे दी गई थी।
इस बैठक में राम मंदिर से जुड़े कई बहुत ही ज्यादा जरूरी, वित्तीय और संवेदनशील मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाने वाली है। सभी संबंधित सदस्यों से आधिकारिक तौर पर अनुरोध किया गया है कि वे निर्धारित समय पर पहुंचकर इस बैठक को सफल बनाएं। महंत दिनेन्द्र दास महाराज ने भी संकेत दिया है कि इस बैठक के बाद मंदिर प्रबंधन को लेकर कई नए निर्णय सामने आ सकते हैं। राम भक्तों और पूरे देश की नजरें इस बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक के संभावित नतीजों पर पूरी तरह से टिकी हुई हैं।
बैठक का सबसे बड़ा और पहला एजेंडा महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के दिए गए इस्तीफे पर विचार करना है। इन दोनों प्रमुख और अहम पदाधिकारियों के अचानक इस्तीफे की पेशकश ने मंदिर व्यवस्थापन पर कई तरह के बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस अहम बैठक में सभी ट्रस्टी मिलकर यह तय करेंगे कि उनका यह इस्तीफा मंजूर होगा या उन्हें पद पर बनाए रखा जाएगा।
एजेंडे का दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा मंदिर के दान पात्रों से प्राप्त राशि की गणना को लेकर एसआईटी की जांच रिपोर्ट से जुड़ा है। हाल ही में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के गंभीर आरोपों के बाद एसआईटी इस पूरे संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही है। बैठक में एसआईटी के अंतरिम प्रतिवेदन पर सभी सदस्यों के बीच चर्चा कर आगे की ठोस और बहुत सख्त कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
इस बैठक में आगामी मंदिर प्रबंधन से जुड़ी नई और बेहतर व्यवस्थाओं को लागू करने पर भी बहुत ही गंभीरता से विचार किया जाएगा। इसके साथ ही राम मंदिर के सुचारू संचालन के लिए एक नए सीईओ पद के सृजन पर भी ट्रस्ट के सदस्य अपनी सहमति जता सकते हैं। रामलला के भव्य मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रबंधन को और ज्यादा मजबूत करना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
ट्रस्ट की इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के अलेखापरीक्षित आय-व्यय पत्रक और तुलनपत्र की पूरी जानकारी देकर सभी से स्वीकृति भी ली जाएगी। इसके अलावा राम मंदिर के निर्माण और रखरखाव से जुड़े अन्य वित्तीय विवरणों की भी बहुत ही बारीकी से समीक्षा की जाने वाली है। अंत में अध्यक्ष महोदय की अनुमति से कुछ अन्य आवश्यक और तात्कालिक विषयों पर भी बैठक में विस्तार से और खुलकर बातचीत हो सकती है।
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श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष द्वारा जारी किए गए इस पांच सूत्रीय एजेंडे ने सभी का ध्यान खींचा है। अल्प सूचना पर बुलाई गई यह बैठक राम मंदिर के इतिहास में एक बहुत ही अहम और बड़ा बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है। सभी राम भक्तों को इस बात का पूरा इंतजार है कि 6 जुलाई की इस बैठक में राम मंदिर की व्यवस्था को लेकर क्या बड़े और नए फैसले लिए जाएंगे।