Umesh Pal Murder Case: उत्तर प्रदेश पुलिस रविवार देर रात प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड में पांच लाख रुपये का इनामी आरोपी अरमान बिहारी नैनी जेल लेकर आई। प्रयागराज पुलिस और बिहार पुलिस की टीम ने मिलकर अरमान के नैनी जेल में शिफ्ट किया। अरमान को नैनी जेल में शिफ्ट किया जाना प्रयागराज पुलिस के लिए कई मायनों में अमह है क्योंकि पुलिस के मुताबिक 24 फरवरी 2023 को हुई वारदात के दौरान वही बाइक चला रहा था जिस पर बमबाज गुड्डू मुस्लिम सवार था। इसके अलावा उसे माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन का भी करीबी माना जाता है।
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या कर दी गई थी। घटना की तस्वीरें और वीडियो पुलिस की जांच में अहम सबूत बने। पुलिस के मुताबिक वारदात के दौरान गुड्डू मुस्लिम बम फेंक रहा था और अरमान बिहारी बाइक चला रहा था। हत्या के बाद दोनों उसी बाइक से मौके से फरार हुए थे।
वारदात के बाद से ही प्रयागराज पुलिस अरमान की तलाश में जुटी थी और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। हालांकि पुलिस को बाद में पता चला कि जिस आरोपी को उत्तर प्रदेश पुलिस करीब तीन साल से तलाश रही थी वह बिहार की गया जेल में बंद था। इसके बाद यूपी पुलिस ने बिहार पुलिस से संपर्क किया और अब कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अरमान को नैनी जेल ले आई है। जहां उससे पूछताछ की जाएगी।
माना जा रहा है कि पुलिस अरमान से सबसे पहला सवाल गुड्डू मुस्लिम को लेकर पूछ सकती है। गुड्डू मुस्लिम उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही फरार चल रहा है। इस हत्याकांड के कई आरोपी कुछ आरोपी मुठभेड़ में मारे गए जबकि कुछ के खिलाफ अदालत में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ी। लेकिन गुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
गुड्डू मुस्लिम पर पांच लाख रुपये का इनाम है। प्रयागराज पुलिस दोनों की तलाश में कई राज्यों में दबिश दे चुकी है, लेकिन अब तक उनका पता नहीं चल सका है। ऐसे में अरमान की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह हो सकता है कि 24 फरवरी 2023 की घटना के बाद गुड्डू मुस्लिम कहां गया। चूंकि दोनों वारदात के बाद एक साथ फरार हुए थे इसलिए पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि दोनों के रास्ते कब और कहां अलग हुए।
अरमान को लेकर एक और बात इस मामले को अहम बनाती है। पुलिस सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि अरमान शाइस्ता परवीन के करीबी लोगों में था और उसके मूवमेंट तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा रहता था। ऐसे में पुलिस शाइस्ता की लंबे समय से चल रही फरारी के नेटवर्क के बारे में भी उससे जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकती है।
उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अरमान बिहार के गया जिले के कठोत्तर तालाब का रहने वाला बताया जाता है। उमेश पाल की हत्या के बाद वह उत्तर प्रदेश से गया चला गया था। इसके बाद गया शहर के कटारी तालाब के पास एक अंडा कारोबारी पर गोली चलाने के पुराने मामले में उसने 27 फरवरी 2023 को गया कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
कोर्ट के आदेश के बाद उसे 27 फरवरी 2023 को गया सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इसके बाद वह लंबे समय तक वहीं बंद रहा। बाद में प्रयागराज के धूमनगंज थाना पुलिस को सूचना मिली कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल आरोपी गया सेंट्रल जेल में बंद है। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम गया जेल पहुंची और अरमान से पूछताछ कर उसकी पहचान की। अरमान को उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए यूपी पुलिस ने कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी भी दाखिल की थी। इसके बाद उसे प्रयागराज लाया गया।
अरमान के पिता समीम मलिक ने बताया कि उनका बेटा उमेश पाल हत्याकांड में शामिल था और घटना के बाद भागकर गया आया था। उन्होंने बताया कि गया में एक पुराने मामले में अरमान ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। अब कई साल बाद उत्तर प्रदेश पुलिस उसे अपने साथ ले जा रही है।
समीम मलिक ने आशंका जताई कि कहीं उत्तर प्रदेश ले जाते समय अरमान का एनकाउंटर न कर दिया जाए। उनका दावा है कि उमेश पाल हत्याकांड के कई आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है और अरमान इस मामले में बचा हुआ आरोपी है।