AMU Students Union Election Demand: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर एक बार फिर छात्रों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। छात्र यासिर फहद छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठा हुआ है। छात्र का कहना है कि लंबे समय से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं और विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व की प्रक्रिया बहाल की जानी चाहिए।
छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे धरने के बीच सोमवार को एएमयू परिसर में छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट की घटना भी सामने आई। विवाद बढ़ने पर एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के छात्रों को अलग किया। घटना के बाद परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही।
वहीं, छात्र यासिर फहद अभी भी चुनाव की मांग को लेकर धरने पर बैठा है। उसका कहना है कि छात्रों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने के लिए छात्र संघ की आवश्यकता है और लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों में असंतोष है।
यासिर फहद का नाम पिछले दिनों एएमयू में छात्राओं के खाने से संबंधित प्रदर्शन के दौरान भी सामने आया था। विश्वविद्यालय की ओर से उस पर छात्राओं को प्रदर्शन के लिए कथित तौर पर उकसाने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की थी।
हालांकि, छात्र की ओर से अपनी भूमिका को लेकर क्या पक्ष रखा गया है, यह भी जांच का विषय है। छात्र संघ चुनाव की मांग और यासिर फहद के खिलाफ विश्वविद्यालय की पूर्व कार्रवाई—दोनों मुद्दे फिलहाल परिसर में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
धरने पर बैठे छात्र और उनके समर्थकों का कहना है कि एएमयू में करीब आठ वर्षों से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। छात्र चुनाव कराने और निर्वाचित छात्र प्रतिनिधित्व बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
वहीं, परिसर में छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी है। प्रॉक्टोरियल टीम ने दोनों गुटों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया है।
फिलहाल छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर धरना जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है और धरने पर बैठे छात्र के साथ आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर छात्रों की नजर बनी हुई है।