अखिलेश यादव (Image- Social Media ) 
उत्तर प्रदेश

जाति का कॉलम ही नहीं तो गिनेंगे कैसे? जनगणना के नोटिफिकेशन पर अखिलेश यादव ने मोदी सरकार को किया 'एक्सपोज'

Akhilesh Yadav on Census 2027: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है, गिनेंगे क्या। जातिगत जनगणना भी भाजपा का जुमला है।

अर्पित शुक्ला

Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जनगणना को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में जारी जनगणना अधिसूचना में जाति से जुड़ा कॉलम ही शामिल नहीं किया गया है। अखिलेश यादव का कहना है कि जातिगत जनगणना न कराना पीडीए समाज के खिलाफ भाजपा की साजिश है।

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है, फिर गिनेंगे क्या? जातिगत जनगणना भी भाजपा का एक जुमला है। भाजपा का सीधा सा फार्मूला है, न गिनती होगी, न ही आनुपातिक आरक्षण और अधिकारों के लिए जनसांख्यिकीय आधार बनेगा। जातिगत जनगणना न कराना पीडीए समाज के खिलाफ भाजपाई साजिश है।”

BJP पर बोला हमला

भाजपा पर हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “आज भाजपा पर भरोसा करने वाले लोग खुद को न सिर्फ ठगा हुआ, बल्कि बेहद अपमानित भी महसूस कर रहे हैं। भाजपा के जो नेता और कार्यकर्ता अब तक जातिगत जनगणना कराने का दावा कर रहे थे, वे अब अपने समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे। हालात ऐसे हैं कि उन्हें गले से भाजपाई पट्टा और घरों, दुकानों व वाहनों से भाजपा का झंडा उतारना पड़ रहा है।”

‘वचन-विमुखी भाजपा का मतलब धोखा’

अखिलेश यादव ने आगे कहा, “पीडीए समाज को अपने मान-सम्मान, आरक्षण और अधिकारों की लड़ाई खुद लड़नी होगी। जब विरोध होगा तो ‘छलजीवी भाजपा’ फिर कहेगी कि यह टाइपिंग मिस्टेक थी। भाजपा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और सब जानते हैं कि अपने गलत इरादों के उजागर होने के बाद वह क्या करेगी। यह कोई भाजपाई चालाकी नहीं, बल्कि भाजपाई बेशर्मी है। अब शब्दकोशों में ‘वचन-विमुखी’ भाजपा का अर्थ ‘धोखा’ लिख देना चाहिए।”

भारत की 16वीं जनगणना की तैयारी तेज

गौरतलब है कि भारत की 16वीं जनगणना की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सरकार ने औपचारिक रूप से उन सवालों की अधिसूचना जारी कर दी है, जो जनगणना के पहले चरण में पूछे जाएंगे। यह चरण 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित होगा। इस दौरान देश के हर घर और संरचना का मानचित्रण किया जाएगा और जनगणना की बुनियादी व्यवस्था तैयार की जाएगी।

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