यूपी की सियासत में घमासान (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

100 करोड़ का CO! यूपी की सियासत में घमासान, अखिलेश बोले- भाजपा राज मतलब भ्रष्टाचार का भंडार

Uttar Pradesh की सियासत में 100 करोड़ की संपत्ति वाले एक CO को लेकर घमासान मच गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है।

सौरभ शर्मा

Akhilesh Yadav Attack BJP on CO Rishikant Shukla Case: उत्तर प्रदेश की सियासत में 100 करोड़ की संपत्ति वाले एक CO को लेकर घमासान मच गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने CO ऋषिकांत शुक्ला मामले को उठाते हुए कहा कि 'भाजपा राज मतलब भ्रष्टाचार का भंडार'। अखिलेश ने सवाल उठाया कि जब एक सहायक अधिकारी के पास 100 करोड़ की अवैध संपत्ति मिली है, तो सोचिए उनके पास ख़ुद कितनी दौलत होगी।

यह पूरा मामला कानपुर के चर्चित वकील अखिलेश दुबे से जुड़ा है, जो फिलहाल जेल में है। अखिलेश दुबे पर आरोप है कि वह लोगों को झूठे पॉक्सो के मुकदमों में फंसाकर उनसे करोड़ों की रंगदारी वसूलता था। अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने उसका साथ देने वाले पुलिसकर्मियों की कुंडली भी खंगालनी शुरू की। इसी जांच में तीन सीओ समेत पांच पुलिसकर्मी जांच के दायरे में आ गए थे।

15 साल कानपुर में तैनाती, अब विजिलेंस जांच

इस मामले में तीसरे दागी के रूप में CO ऋषिकांत शुक्ला का नाम सामने आया, जिन्हें शासन ने सोमवार देर रात निलंबित कर दिया है। ऋषिकांत शुक्ला की तैनाती करीब 15 साल तक कानपुर में दरोगा से लेकर सीओ तक के पदों पर रही। वर्तमान में वह मैनपुरी जिले के भोगांव में सीओ के पद पर तैनात थे। शासन ने उनकी अकूत कमाई की जांच का जिम्मा विजिलेंस को सौंप दिया है। यह कार्रवाई पूर्व पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के कार्यकाल में शुरू हुए 'ऑपरेशन महाकाल' से जुड़ी शासन स्तर की पहली बड़ी कार्रवाई है। इस ऑपरेशन का मकसद अपराधी और पुलिस गठजोड़ को तोड़ना था।

'ऊपरवाले' के पास कितनी दौलत होगी?

इस मामले के लिए गठित एसआईटी जांच में सामने आया था कि सीओ ऋषिकांत शुक्ला ने कानपुर में रहते हुए जो अकूत संपत्तियां बनाईं, वह उनकी नौकरी से होने वाली आय से संभव नहीं है। एसआईटी ने अखिलेश दुबे की संपत्तियों में भी सीओ के निवेश की आशंका जताई थी। इसी को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि जिनके करीबी और सहायक अधिकारी के पास 100 करोड़ की अवैध संपत्ति मिली है तो सोचिए उनके पास खुद कितनी दौलत होगी और उनके उस ‘ऊपरवाले’ के पास कितनी, जिनके प्रश्रयत्व के आशीर्वाद से वो ज़मींदोज़ होने से बचे हैं। सूत्रों का कहना है कि जांच की जद में आए अन्य दागी पुलिसकर्मियों पर भी जल्द ही कार्रवाई हो सकती है।

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