आगरा पुलिस (सोर्स-सोशल मीडिया) 
आगरा

'तेज बन गए तो जेल गए, नहीं बनते तो नाम निकल जाता', वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर के कथित बयान से मचा बवाल

Agra Viral Video: आगरा के बसई जगनेर थाने के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र भाटी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में दुष्कर्म मुकदमे को लेकर की गई टिप्पणी पर सवाल उठ रहे हैं।

स्निग्धा श्रीवास्तव

Agra Police Viral Video: ताजनगरी आगरा में एक वायरल वीडियो ने पुलिस विभाग में तूफ़ान मचा रखा है। आमतौर पर सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले आपराधिक और आपत्तिजनक वीडियो पर पुलिस कार्रवाई करती नजर आती है, लेकिन इस बार वायरल वीडियो में खुद एक थाना प्रभारी के कथित बयान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिमी जोन स्थित बसई जगनेर थाने का है, जहां तैनात इंस्पेक्टर धर्मेंद्र भाटी का वीडियो तेजी से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

विवाद से घिरे इंस्पेक्टर धर्मेंद्र भाटी

वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर धर्मेंद्र भाटी एक व्यक्ति से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान वह कथित रूप से दुष्कर्म के एक मुकदमे का जिक्र करते हुए कहते हैं कि दो युवक करीब 15 दिनों तक थाने में रहे थे। वीडियो में उनके कुछ शब्द अब पूरे विवाद के केंद्र में आ गए हैं।

कथित तौर पर इंस्पेक्टर कहते सुनाई दे रहे हैं, "दो लड़के यहां 15 दिन रहे थे... मुकदमे से कोई मतलब नहीं था। जब उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया तब उन्हें जेल भेजा था। जब वह तेज बन गए तो वह जेल गए। तेज न बनते तो रवि का नाम मुकदमे से बाहर निकल जाता।"

इसी कथित बयान को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आरोपियों को 15 दिनों तक थाने में रखने की बात किस संदर्भ में कही गई और "नाम निकल जाने" संबंधी टिप्पणी का क्या आशय था।

दुष्कर्म मुकदमे से जुड़ा है मामला

जानकारी के अनुसार मामला मार्च 2026 में दर्ज एक दुष्कर्म मुकदमे से जुड़ा है। मुकदमे में राहुल, रवि और हरीश को नामजद किया गया था। पुलिस विवेचना के दौरान हरीश का नाम निकाल दिया गया, जबकि राहुल और रवि के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।

वहीं, दोनों आरोपियों के परिजनों ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राहुल और रवि को करीब 15 दिनों तक थाने में रखा गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई न करने के बदले मोटी रकम की मांग की गई थी। परिजनों का दावा है कि आर्थिक तंगी के कारण वे कथित मांग पूरी नहीं कर सके, जिसके बाद दोनों युवकों को जेल भेज दिया गया। वर्तमान में दोनों आरोपी जमानत पर बाहर हैं।

एसीपी खेरागढ़ को सौंपी गई जांच

वीडियो वायरल होने के बाद मामला पुलिस महकमे तक पहुंच गया है। डीसीपी पश्चिम ने पूरे प्रकरण की जांच एसीपी खेरागढ़ को सौंप दी है। जांच में वीडियो की सत्यता, उसमें किए गए कथित दावों और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है। क्योंकि वायरल वीडियो में सामने आए कथित बयान ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि निष्पक्ष विवेचना और कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है।

कांग्रेस की एकला चलो नीति पर भड़के उद्धव ठाकरे! INDIA गठबंधन की बैठक में सुनाई खरी-खोटी, दी ये सलाह

CSR घाेटाला: महाराष्ट्र समेत 4 राज्यों के 8 ठिकानों पर ED की छापेमारी, फर्जी नेटवर्क का खुलासा

किसानों को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, MSP में बढ़ोतरी की मंजूरी; ₹2.79 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

पंजाब में चिट्टे पर गरमाई सियासत! शाह का मान पर वार, बोले- पंजाब को नशा मुक्त करके रहेंगे

उमर खालिद और शरजील इमाम को फिर झटका, दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज