Agra: गौरव राठौर शूटआउट केस में पूर्व पार्षद सुनील गिरफ्तार; पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर को लगी गोली

Agra Shooting Case: चर्चित गौरव राठौर फायरिंग कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पूर्व पार्षद सुनील राठौर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर जिमी चौधरी घायल हुआ
Agra Firing Case Solved Former Councillor Among Three Arrested Police Encounter
जानकारी देते पुलिस अधिकारी (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Gaurav Rathore Agra Shooting Case: आगरा के ताजगंज क्षेत्र में हुए चर्चित गौरव राठौर फायरिंग कांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए समाजवादी पार्टी के पूर्व पार्षद सुनील राठौर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद आरोपियों को दबोचा गया। मुठभेड़ के दौरान हिस्ट्रीशीटर जिमी चौधरी के पैर में गोली लग गई, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एसीपी ताजगंज यतीन्द्र सिंह नागर ने दी जानकारी

एसीपी ताजगंज यतीन्द्र सिंह नागर ने बताया कि पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि 21 जून को गौरव राठौर पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी झलकारी बाई चौराहे के आसपास किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर इलाके में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।

पुलिस टीम ने जब संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपी भागने लगे। इसी दौरान उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के अनुसार खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें जिमी चौधरी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे और उसके दो साथियों को दबोच लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्व पार्षद सुनील राठौर, हिस्ट्रीशीटर जिमी चौधरी और दिनेश शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है।

21 जून को पुरानी मंडी क्षेत्र में हुई थी वारदात

गौरतलब है कि 21 जून को पुरानी मंडी क्षेत्र में गौरव राठौर को गोली मारकर घायल कर दिया गया था। घटना के बाद पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी थी। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने खुलासा किया कि पूरा घटनाक्रम जमीन विवाद से जुड़ा हुआ था। पुलिस के अनुसार गौरव राठौर की बहन से चल रहे विवाद को लेकर हमले की साजिश रची गई थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। आरोप है कि पूर्व पार्षद सुनील राठौर ने 30 हजार रुपये एडवांस दिए थे, जबकि शेष 1.20 लाख रुपये घटना के बाद देने की बात तय हुई थी। पुलिस के मुताबिक जिमी चौधरी जेल से रिहा होने के मात्र चार दिन बाद ही अपने साथियों के साथ इस वारदात की योजना बनाने में जुट गया था। जांच में रणजीत, जिमी और सुनील की भूमिका भी सामने आई है।

हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जिमी चौधरी सिकंदरा क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित करीब 20 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।

फिलहाल ताजगंज पुलिस पूरे मामले की गहन विवेचना कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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