Agra Petha Price Hike: कभी चाय की मिठास बढ़ाने वाली चीनी अब घर का बजट बिगाड़ने लगी है। पिछले दिनों चीनी के दामों में अचानक हुई बढ़ोत्तरी का सीधा असर आम आदमी की रसोई से लेकर आगरा के प्रसिद्ध पेठा कारोबार तक दिखाई देने लगा है। चीनी महंगी होने से लोग इसकी खरीद और खपत दोनों कम कर रहे हैं। वहीं पेठा बनाने की लागत बढ़ने के कारण इसकी कीमतों में भी बड़ा इजाफा हुआ है।
आलम यह है कि आम आदमी अब चीनी खरीदने से पहले भी कीमत देख रहा है। कई परिवारों ने चाय में चीनी की मात्रा कम कर दी है तो कुछ ने चाय की खपत तक घटा दी है। त्योहारी सीजन में मिठाइयों की कीमत पहले से ही लोगों की पहुंच से बाहर है। ऐसे में आगरा का पेठा आम परिवारों के लिए अपेक्षाकृत सस्ती मिठाई का विकल्प माना जाता था, लेकिन चीनी की बढ़ती कीमत ने यहां भी मुश्किल खड़ी कर दी है।
पेठा कारोबारियों के मुताबिक चीनी की कीमत में एक साथ करीब 20 से 25 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर पेठा बनाने की लागत पर पड़ा है। जो सादा पेठा कुछ समय पहले करीब 120 रुपए किलो बिक रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर लगभग 150 रुपए किलो तक पहुंच गई है।
व्यापारियों का कहना है कि पेठा बनाने में चीनी प्रमुख कच्चे माल में शामिल है। ऐसे में चीनी महंगी होने पर लागत बढ़ना स्वाभाविक है। कारोबारियों के सामने एक ओर बढ़ी हुई लागत है तो दूसरी ओर ग्राहकों की कम होती खरीदारी। कीमत बढ़ाने पर बिक्री प्रभावित हो रही है और कीमत नहीं बढ़ाने पर मुनाफा कम हो रहा है।
व्यापारियों का आरोप है कि चीनी के दाम में अचानक बढ़ोतरी के साथ बाजार में जमाखोरी भी बढ़ी। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने चीनी का स्टॉक कर लिया, जिससे बाजार में उपलब्धता प्रभावित हुई और कीमतों पर दबाव बढ़ा। हालांकि इस संबंध में संबंधित विभागों की ओर से स्थिति स्पष्ट किया जाना बाकी है।
नूरी दरवाजा स्थित शहीद भगत सिंह बाजार कमेटी के पदाधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि चीनी की बढ़ती कीमतों का असर आगरा के पेठा कारोबार पर सीधे पड़ रहा है। उनका कहना है कि आगरा सहित पूरे प्रदेश में चीनी की कीमतों को लेकर व्यापारी परेशान हैं। महंगी चीनी खरीदकर पेठा तैयार करना पड़ रहा है, जिससे तैयार उत्पाद की लागत बढ़ गई है।
राजेश अग्रवाल के मुताबिक आगरा के पेठे को हाल ही में ओडीओसी के तहत पहचान मिलने से इस पारंपरिक उद्योग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती कीमतें कारोबारियों की चिंता बढ़ा रही हैं। उनका कहना है कि पेठा महंगा होने से ग्राहकों की खरीदारी कम हो रही है और इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों के कारोबार पर पड़ रहा है।
आगरा में पेठा सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि शहर की पहचान से जुड़ा कारोबार है। स्थानीय लोगों के लिए यह लंबे समय से ऐसी मिठाई रही है जिसे वे अपनी क्षमता के अनुसार खरीदकर त्योहार और पारिवारिक आयोजनों में इस्तेमाल करते रहे हैं। लेकिन लगातार बढ़ती लागत ने अब इस विकल्प को भी महंगा कर दिया है।
पेठा कारोबारियों का कहना है कि यदि चीनी के दाम जल्द नीचे नहीं आए तो आने वाले दिनों में पेठे की कीमतों पर इसका और असर पड़ सकता है। ऐसे में महंगाई की मार से पहले से परेशान आम आदमी के लिए त्योहार की मिठास भी फीकी पड़ने लगी है।