Raj Babbar Statement On Nana Patekar: हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में उनके निधन की खबर ने प्रशंसकों और उनके करीबियों को गहरे सदमे में डाल दिया। उनके साथ काम कर चुके अभिनेता और राजनेता राज बब्बर भी अपने पुराने मित्र को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर केवल एक शानदार कलाकार नहीं, बल्कि जिंदादिल इंसान और उनके बेहद अजीज मित्र थे। उनका जाना उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है।
राज बब्बर ने अपने मित्र को याद करते हुए कहा कि उन्होंने जिंदगी का एक अनमोल रिश्ता खो दिया है। नाना पाटेकर जैसे कलाकार की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। उनका व्यक्तित्व, उनकी अदाकारी और जिंदगी को जीने का उनका सहज अंदाज लोगों के दिलों में हमेशा जिंदा रहेगा।
राज बब्बर ने बताया कि नाना पाटेकर के साथ उनका रिश्ता आज का नहीं, बल्कि 1980 के दशक से जुड़ा था। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और इस दौरान उनकी दोस्ती और गहरी होती चली गई। राज बब्बर के मुताबिक, वह उन लोगों में शामिल थे, जो नाना पाटेकर को बीआर फिल्म्स तक लेकर गए थे। फिल्म "आज की आवाज" नाना पाटेकर के शुरुआती व्यावसायिक सिनेमा के सफर की अहम कड़ी रही।
राज बब्बर ने नाना पाटेकर के साथ बिताए पलों को याद करते हुए बताया कि दोनों के बीच दोस्ताना नोकझोंक भी खूब होती थी। वह नाना से कहते थे कि तुम मेरा स्पेस ले लेते हो। इस पर नाना भी पलटकर जवाब देते थे कि तुम मेरा स्पेस लेना चाहते हो। राज बब्बर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि नाना के सामने आने के लिए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ती थी।
दोनों कलाकारों के बीच की यह नोकझोंक उनकी आपसी समझ और दोस्ती को बयां करती थी। पर्दे पर अपनी अलग पहचान बनाने वाले दोनों कलाकारों का रिश्ता फिल्मों से आगे बढ़कर निजी जीवन तक पहुंच चुका था।
राज बब्बर ने नाना पाटेकर के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन में कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों को सहजता से स्वीकार किया। वह बेहद साधारण जीवन जीते थे और मुश्किलों के बावजूद किसी से शिकायत या शिकवा नहीं करते थे।
नाना पाटेकर अपनी अदाकारी के साथ-साथ सामाजिक कार्यों और जरूरतमंदों की मदद के लिए भी पहचाने जाते रहे। राज बब्बर के मुताबिक, नाना ने गरीबों और असहाय लोगों की मदद की, लेकिन कभी इसका दिखावा नहीं किया।
नाना पाटेकर के अचानक निधन ने उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत से जुड़े लोगों को भावुक कर दिया है। राज बब्बर ने अपने मित्र को याद करते हुए उनके अनुशासित जीवन, सादगी और जिंदादिली का जिक्र किया। उन्हें इस बात का गहरा दुख है कि जीवन को सहजता से जीने वाला उनका मित्र अचानक दुनिया से विदा हो गया।
नाना पाटेकर ने अपने लंबे फिल्मी सफर में ऐसे किरदार निभाए, जिन्होंने दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ी। उनकी दमदार संवाद अदायगी, बेबाक व्यक्तित्व और अभिनय की विशिष्ट शैली उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी। राज बब्बर के शब्दों में अपने अजीज दोस्त को खोने का दर्द साफ झलकता है। नाना पाटेकर भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके किरदार और उनसे जुड़ी यादें लंबे समय तक लोगों के जेहन में बनी रहेंगी।