Agra Smart City News: देश के 100 स्मार्ट शहरों में शामिल ताजनगरी आगरा एक बार फिर अपनी बदहाल सड़कों और नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। शहर को स्मार्ट बनाने के दावों के बीच बारिश ने विकास कार्यों की हकीकत उजागर कर दी है। हालात ऐसे हैं कि लोग व्यंग्य में कहने लगे हैं कि आगरा की सड़कों पर चलते-चलते कोई भी सीधे "पाताल लोक" की सैर पर निकल सकता है।
बीते दो दिनों में हुई बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में सड़कें धंस गईं और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। सबसे ज्यादा चर्चा कमला नगर क्षेत्र में कर्मयोगी एन्क्लेव की ओर जाने वाली सड़क की हो रही है, जहां करीब 10 फीट गहरा और लगभग 15 फीट लंबा गड्ढा बन गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सड़क नगर निगम द्वारा बनाई गई थी और अब यही सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है।
शहर की अधिकांश सड़कें विकास प्राधिकरण से नगर निगम को हस्तांतरित की जा चुकी हैं, जिसके बाद उनके रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी नगर निगम की है। इसके बावजूद बारिश होते ही सड़कों का धंसना और गड्ढों में तब्दील होना आम बात बन चुकी है। कमला नगर इसका सिर्फ एक उदाहरण है। दयालबाग, शास्त्रीपुरम और अन्य प्रमुख क्षेत्रों की सड़कों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर कर्मयोगी क्षेत्र की सड़क का वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम हरकत में आया और आनन-फानन में गड्ढे को मलबा डालकर भरवा दिया गया। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दोबारा तेज बारिश हुई तो स्थिति फिर से पहले जैसी हो सकती है।
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इसी बीच सुभाष बाजार में हुआ दर्दनाक हादसा भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यहां नाले के ऊपर बनी दो मंजिला दुकान अचानक धंस गई, जिसमें पांच लोग मलबे और जमीन के भीतर दब गए थे। पुलिस, पीएसी, दमकल और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन कपड़े खरीदने आई एक महिला का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।
जानकारी के अनुसार बाजार समिति ने पहले ही नगर निगम को पत्र लिखकर इन दुकानों की जर्जर स्थिति और खतरे को लेकर आगाह किया था। बताया जा रहा है कि नाले के ऊपर करीब एक दर्जन दुकानें निर्मित हैं, जबकि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी भी नगर निगम के ही पास है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर लोगों की जान जोखिम में डालकर इन निर्माणों को अनुमति कैसे मिली।
फिलहाल पूरे बाजार को बंद करा दिया गया है और प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है। अब देखना होगा कि इस बड़े हादसे और लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाओं के बाद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।