Azad Samaj Party Reservation Stance: आगरा में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ रविवार को कार्यकर्ताओं से संवाद करने आगरा पहुंचे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महंगाई और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए चंद्रशेखर ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपना एजेंडा स्पष्ट किया।
चंद्रशेखर ने छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के आंदोलन से घबरा गई थी। उन्होंने कहा कि छात्रों को बांटने के लिए आरक्षण आंदोलन में ही छात्रों को अलग-अलग खेमों में बांटने का प्रयास किया गया। उन्होंने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल उठाए। कहा कि कहीं स्कूलों की इमारत नहीं है तो कहीं शिक्षक नहीं हैं। इसी वजह से उनकी पार्टी ने बहुजन पाठशालाएं शुरू कीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मीडिया को स्कूलों में जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं, ताकि सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति जनता के सामने न आ सके। स्वास्थ्य सेवाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि प्रदेश में रोजगार का संकट है तथा महंगाई लगातार बढ़ रही है।
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चंद्रशेखर ने सरकार पर पूंजीपतियों और व्यापारियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम तो बढ़ गए, लेकिन किसानों के गन्ने के मूल्य में उसी अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई। किसान आज भी अपने गन्ने के भुगतान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चीनी महंगी हो रही है तो किसान के गन्ने का दाम क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा?
कांग्रेस के वंदेमातरम से जुड़े विवाद पर भी उन्होंने निशाना साधा। चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस के नेताओं के मामले को उठाया जा रहा है, लेकिन लखनऊ में शीर्ष पद पर बैठे भाजपा नेता द्वारा राष्ट्रगान को बीच में छोड़कर चले जाने के मामले पर भाजपा क्यों नहीं बोलती।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान पर भी चंद्रशेखर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार नेताओं को अपनी भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। संसद में भी नेताओं की भाषा और आचरण में मर्यादा दिखाई देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के महिलाओं को 50 हजार रुपये देने संबंधी बयान पर चंद्रशेखर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को पैसा देना चाहती है तो पहले पिछले दस साल का हिसाब दे। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वोट के लिए नोट देने की राजनीति नहीं चलेगी। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर भाजपा महिलाओं को 50 हजार रुपये देगी तो आजाद समाज पार्टी महिलाओं को एक लाख रुपये देने का वादा करेगी।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, शिक्षा, महंगाई, किसानों और विकास के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि जनता अब केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि सरकार से अपने काम का हिसाब मांग रही है।
चंद्रशेखर आजाद ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यालय शानदार होने चाहिए और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों को भी बेहतर अवसर मिल सकें।
आरक्षण के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में चंद्रशेखर आजाद ने बेहद स्पष्ट और आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो लोग आरक्षण खत्म करना चाहते हैं, वे व्यवस्था में आएं, लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ें, चुनाव जीतें और जिस तरह का कानून बनाना चाहते हैं, बनाएं। उन्हें कानून बनाने से किसने रोका है?
चंद्रशेखर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है। ऐसे में उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर आजाद समाज पार्टी की स्पष्ट राजनीतिक रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी पार्टी शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और किसानों के सवालों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की तैयारी है।