मोनिका नाज खान सोर्स- नवभारत लाइव
आगरा

आगरा में महिला नेता के अपमान पर बवाल! मोनिका नाज खान ने छोड़ा पद, अखिलेश यादव को दिया 3 दिन का अल्टीमेटम

Monica Naaz Khan Resignation: आगरा में सपा अल्पसंख्यक सभा की राष्ट्रीय सचिव मोनिका नाज खान ने पार्टी नेताओं पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

प्रदीप कुमार रावत, अमन मौर्या

Samajwadi Party Agra Internal Dispute: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दल संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं। वहीं, आगरा में समाजवादी पार्टी के भीतर सामने आया विवाद पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा करता नजर आ रहा है। यह साफ संदेश दे रहा है कि सपा में सब कुछ ठीक नहीं चला, यहां घमासान मचा हुआ है।

सपा अल्पसंख्यक सभा की राष्ट्रीय सचिव मोनिका नाज खान ने महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास और महानगर उपाध्यक्ष रोहित उर्फ नासिर पर प्रताड़ना, अपमान और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

दो दशक से निभा रही जिम्मेदारी: मोनिका नाज

मोनिका नाज खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह करीब दो दशक से समाजवादी पार्टी से जुड़ी हैं और इस दौरान संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाती रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पार्टी को अपने खून-पसीने से सींचा है और वर्तमान विवाद उनके लिए केवल पद का नहीं, बल्कि मान-सम्मान का मुद्दा बन चुका है।

पार्टी नेताओं पर प्रताड़ना का आरोप

अपने बयान में मोनिका नाज ने आरोप लगाया कि महानगर अध्यक्ष की शह पर रोहित उर्फ नासिर और जमील खान जो कि सपा महानगर के कोषाध्यक्ष द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं और झूठी शिकायतों के जरिए उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

तीन दिन का अल्टीमेटम

विवाद तब और गहरा गया जब मोनिका नाज खान ने पार्टी नेतृत्व को तीन दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में मामले पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वह लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराने और बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगी। उनके वीडियो में आत्महत्या की बात भी सामने आई है, जिस पर संबंधित पक्षों और पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

हालांकि, इस्तीफा देने के बावजूद मोनिका नाज ने खुद को समाजवादी पार्टी से अलग नहीं बताया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल अपने पद से इस्तीफा दिया है और वह पार्टी की कार्यकर्ता बनी रहेंगी। उन्होंने अखिलेश यादव को अपना नेता बताते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व से न्याय और सम्मान की अपेक्षा जताई।

'20 साल में पहली बार ऐसा देखा'

नव भारत से विशेष बातचीत में मोनिका नाज खान ने कहा कि उनके लिए अब सबसे बड़ा सवाल पद नहीं बल्कि सम्मान का है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब 20 वर्षों में पार्टी के भीतर कई पदाधिकारी आए और गए, लेकिन इस तरह महिला सम्मान को ठेस पहुंचने की स्थिति उन्होंने पहली बार देखी है।

उन्होंने महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ बाहरी लोगों के आने से पार्टी की पुरानी कार्यशैली और कार्यकर्ताओं के सम्मान पर असर पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि यदि सपा का राष्ट्रीय नेतृत्व ने मामले में हस्तक्षेप नहीं किया तो वह आगे कई ऐसे तथ्य सामने रखेंगी, जिससे आगरा से लेकर लखनऊ तक पार्टी में हलचल पैदा हो सकती है।

महानगर अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज

उधर, समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने मोनिका नाज खान द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यदि किसी पार्टी पदाधिकारी द्वारा किसी को प्रताड़ित किया गया है तो मामले की जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने आरोपों को पार्टी को कमजोर करने की कोशिश भी बताया है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि मैं मोनिका नाज खान को जानता तक नहीं।

गौर करने वाली बात यह भी है कि हाल के दिनों में आगरा में शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में सपा कई स्थानीय मुद्दों को लेकर सड़क पर सक्रिय रही है। ऐसे में संगठन के भीतर सामने आया यह विवाद पार्टी की आगामी राजनीतिक तैयारियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व पर निगाहें

अब निगाहें सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व पर हैं कि वह इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है। एक तरफ 2027 की चुनावी तैयारियों में संगठन को एकजुट रखने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रीय सचिव स्तर की महिला पदाधिकारी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों ने आगरा संगठन के भीतर चल रहे मतभेदों को सार्वजनिक कर दिया है।

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