Agra Police Corruption Complaint: पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में आगरा पुलिस में लगातार कार्रवाई का दौर जारी है। बीते एक माह में कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर निलंबन और तबादले की गाज गिर चुकी है। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब सत्ताधारी दल के फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल ने ही पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में चार थाना क्षेत्रों से जुड़े छह पुलिसकर्मियों के नाम गिनाते हुए उन पर कथित तौर पर वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इनमें एसएसआई मनोज दीक्षित, हेड मोहर्रिर संदीप कुमार, चौकी प्रभारी आशीष त्यागी, एसआई तरुण चौधरी, अमित कुमार और मुकेश यादव के नाम शामिल बताए गए हैं। विधायक ने पुलिस आयुक्त से पूरे मामले की जांच कराने के साथ ही आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। विधायक की ओर से कुछ मामलों से जुड़े साक्ष्य भी सौंपे जाने की बात कही गई है।
विधायक ने आरोप लगाया है कि कुछ पुलिसकर्मी बिना पैसे लिए लोगों की सुनवाई नहीं करते और अपने क्षेत्र में कथित तौर पर वसूली का खेल चला रहे हैं। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों को क्षेत्र से बाहर तैनात किए जाने की मांग भी की है।
उधर, पुलिस आयुक्त दीपक कुमार की जनसुनवाई में पश्चिमी जोन से पहुंचे लोगों ने भी एक इंस्पेक्टर की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायत की। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि इंस्पेक्टर द्वारा पकड़े गए आरोपियों से बड़ी रकम बरामद होने के बावजूद लिखापढ़ी में कथित तौर पर कम रकम दर्शाई गई। शिकायतकर्ताओं ने बिना चढ़ावे के सुनवाई नहीं होने का भी आरोप लगाया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस आयुक्त ने शिकायतकर्ताओं के सामने ही संबंधित इंस्पेक्टर को फोन किया और सख्त लहजे में चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोपों में साक्ष्य मिला तो इंस्पेक्टर के खिलाफ सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आयुक्त ने थानों की कार्यप्रणाली को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थाने में एक ही बिरादरी के लोगों की तैनाती नहीं होनी चाहिए और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जाए।
सत्ताधारी दल के विधायक द्वारा अपनी ही सरकार में पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों के बाद पुलिस महकमे में हलचल है। अब निगाहें पुलिस आयुक्त की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।