Dr Ved Bhardwaj Death Anniversary: कुष्ठ रोग को केवल बीमारी नहीं, बल्कि सामाजिक कलंक मानकर उससे लड़ने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक एवं चिकित्सक स्वर्गीय डॉ.वेद भारद्वाज को उनकी द्वितीय पुण्यतिथि पर शहरवासियों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। संजय प्लेस स्थित होटल पीएल पैलेस में लेप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसायटी की ओर से विज्ञान व्याख्यान माला और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने डॉ.भारद्वाज के शोध, चिकित्सा सेवा और कुष्ठ रोगियों के सम्मानजनक जीवन के लिए किए गए प्रयासों को याद किया।
मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल ने कहा कि डॉ.वेद भारद्वाज ने अपना पूरा जीवन कुष्ठ रोग के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों और कलंक को दूर करने में लगाया। शोध से लेकर सेवा तक उनकी लंबी यात्रा कुष्ठ रोगियों के लिए समर्पित रही। उन्होंने कहा कि डॉ. भारद्वाज जैसे वैज्ञानिक और समाजसेवी के योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए तथा उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जाना चाहिए।
समारोह के अतिविशिष्ट अतिथि अभिनेता एवं पूर्व सांसद राज बब्बर ने अपने संदेश में डॉ. वेद भारद्वाज और उनकी पत्नी डॉ. मधु भारद्वाज के सेवा कार्यों को नमन किया। उन्होंने कहा कि लेप्रोसी पेशेन्ट्स वेलफेयर सोसायटी ने बिना सरकारी सहायता के मानवीय संवेदनाओं के साथ जिस तरह कुष्ठ रोगियों के लिए काम किया, वह सेवा की व्यापक भावना को दर्शाता है। किसी व्यक्ति का इलाज करना ही सेवा नहीं, बल्कि उसे सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अवसर देना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.राजेंद्र मिलन ने डॉ.भारद्वाज को काव्यांजलि अर्पित की। वहीं उपलब्धि भारद्वाज ने उनके जीवन और वैज्ञानिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ. वेद भारद्वाज ने 110 से अधिक शोधपत्र लिखे। वह राष्ट्रीय जालमा कुष्ठ एवं अन्य माइकोबैक्टीरियल रोग संस्थान के निदेशक भी रहे। एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा से अपने चिकित्सा सफर की शुरुआत करने के बाद उन्होंने टोक्यो कैंसर संस्थान और लंदन के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च में भी कार्य किया। वर्ष 1977 से वह कुष्ठ सेवा सदन, आगरा से जुड़े और लगातार कुष्ठ रोगियों की सेवा में सक्रिय रहे। उनके सेवा कार्यों को मदर टेरेसा का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ था।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ डॉ.राजीव पचौरी को डॉ.वेद भारद्वाज सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।
इससे पहले प्रो.एसपी सिंह बघेल और संस्था की सचिव डॉ. मधु भारद्वाज ने महात्मा गांधी तथा स्वर्गीय डॉ.वेद भारद्वाज के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यकारी अध्यक्ष डॉ.एएस सचान ने स्वागत उद्बोधन दिया। संस्था का परिचय गरिमा भारद्वाज ने दिया। संचालन श्रीकृष्ण ने किया, जबकि संकल्प भारद्वाज ने आभार व्यक्त किया। आयोजन की व्यवस्थाओं में जीएस मनराल, गुल मोहम्मद और शिव शंकर बघेल का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के दौरान 'विभिन्न बीमारियों से बचाव में स्वच्छता की भूमिका' विषय पर विज्ञान व्याख्यान माला भी आयोजित हुई। मुख्य वक्ता डॉ.मुनीश्वर चतुर्वेदी ने कहा कि स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि घर में शौचालय की स्वच्छता पर उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए, जितना ड्राइंग रूम की साफ-सफाई पर दिया जाता है।
पूर्व आईएएस शशिकांत शर्मा ने बढ़ती आबादी को स्वच्छता व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती बताया। अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों और समाजसेवियों ने कहा कि अनेक संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छता सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है। नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ पेयजल का इस्तेमाल करने और खुले में शौच से बचने से कई संक्रमणों का खतरा कम किया जा सकता है। वक्ताओं ने व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ सामुदायिक स्वच्छता को भी स्वस्थ समाज के लिए जरूरी बताया।
कार्यक्रम में डॉ.डीवी शर्मा, अरुण डंग, डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा, नीरज जैन, अशोक अश्रु, डॉ. यशोयश, दीपक प्रहलाद, डॉ. गिरजा शंकर शर्मा, डॉ. भानु प्रताप सिंह और किरन शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।