सदर पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई
लूटी गई बाइक समेत दो मोटरसाइकिल बरामद
संगठित गिरोह बनाकर चोरी और लूट की वारदातों को देते थे अंजाम
चोरी के वाहनों के पार्ट्स बेचने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
Organized Gang Members Arrested: आगरा पुलिस कमिश्नरेट में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद लूट और चोरी की घटनाएं पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई हैं। इसी क्रम में थाना सदर क्षेत्र में बाइक सवार से हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल समेत दो बाइक बरामद की गई हैं। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और चोरी के वाहनों के पुर्जे खरीदने वाले लोगों की तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की शाम थाना सदर क्षेत्र की सीआर टाउन कॉलोनी में बाइक सवार बदमाशों ने एक व्यक्ति को रास्ते में रोक लिया और उसकी मोटरसाइकिल लूटकर शहर की तरफ फरार हो गए। घटना के बाद थाना सदर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए सदर पुलिस, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।
इसी क्रम में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने रोहता नगर चौराहे के पास घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दादू उर्फ डीके, करन पुत्र सूरजभान, करन पुत्र शेर सिंह और पंकज पुत्र सरमान सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल और घटना में प्रयुक्त दूसरी बाइक समेत दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
एडिशनल डीसीपी क्राइम मनोज कुमार यादव ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने संगठित होकर चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों में दादू उर्फ डीके और पंकज राजस्थान के धौलपुर जिले के थाना राजाखेड़ा क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि करन पुत्र सूरजभान और करन पुत्र शेर सिंह आगरा के थाना इरादत नगर क्षेत्र के रहने वाले हैं।
एडिशनल डीसीपी के मुताबिक, करन पुत्र सूरजभान और दादू उर्फ डीके के खिलाफ पूर्व में भी कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। आगरा पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य वाहन चोरी करने के बाद उन्हें ऐसे लोगों को बेचते थे, जो चोरी की मोटरसाइकिलों को अलग-अलग पुर्जों में बांटकर बेचने का काम करते हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी और लूट के वाहनों को खपाने वाला नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। इसके साथ ही पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि गिरोह फर्जी आरसी तैयार करने के लिए ऑडियो के माध्यम से किसी तरह की गतिविधि में शामिल था या नहीं।
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक अपने मित्रों के संपर्क में आने के बाद अपराध की दुनिया में चला गया। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है, ताकि चोरी और लूट की वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।