साढ़े तीन बजे से रुकी हुई है मतगणना, सपा प्रत्याशी ने उठाए गंभीर सवाल
मीडिया को बाइट देने के बाद मतगणना रोके जाने का दावा
अधिकारियों के फोन आने पर काउंटिंग बंद करने का लगाया आरोप
Agra MLC Election Counting: आगरा खंड एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान एक बार फिर विवाद सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि मीडिया से बातचीत करने के बाद मतगणना रोक दी गई। सपा प्रत्याशी ने सवाल उठाया कि जब मतगणना चल रही थी तो उसे किस आधार पर रोका गया?
मीडिया से बातचीत के दौरान डॉ.आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को किसी का फोन आने के बाद काउंटिंग रोक दी गई। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “हराना है तो हरा दें, काउंटिंग न रोकें।” उनके इस बयान के बाद मतगणना स्थल पर चल रही प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
सपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि चुनाव में उन्हें हराने के लिए साजिश की जा रही है। उनका कहना है कि मतगणना को बिना किसी स्पष्ट नियम या वजह के रोकना निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। डॉ. आकाश अग्रवाल ने कहा कि मतगणना नियमानुसार जारी रहनी चाहिए, लेकिन इसे रोककर अनावश्यक संदेह पैदा किया जा रहा है।
डॉ. आकाश अग्रवाल ने मतगणना स्थल की व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने दावा किया कि रिटर्निंग ऑफिसर (RO) मौके पर मौजूद नहीं हैं और मतगणना कर्मी काउंटिंग करने के बजाय चाय पीते नजर आ रहे हैं। सपा प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि मतगणना रोककर गड़बड़ी करने का प्रयास किया जा रहा है।
मतगणना रुकने से नाराज सपा प्रत्याशी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “मतगणना रोक दी गई है, अब भगवान ही मालिक है।” उनके आरोपों ने आगरा खंड एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है।
गौरतलब है कि आगरा खंड एमएलसी चुनाव में मतदान के दौरान भी समाजवादी पार्टी की ओर से अनियमितताओं की शिकायतें की गई थीं। अब मतगणना के दौरान डॉ.आकाश अग्रवाल ने नए आरोप लगाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, मतगणना रोके जाने की आधिकारिक वजह और अधिकारियों को फोन आने संबंधी दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इन आरोपों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।