

Highlights:
‘तीन बूथों पर पुनर्मतदान की संस्तुति’
सपा प्रत्याशी ने भाजपा पर लगाए सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप
आकाश अग्रवाल बोले बूथ कैपचरिंग करती है भाजपा
मतगणना से पहले आकाश अग्रवाल ने दी चेतावनी
Akash Agrawal SP Candidate Allegations Booth Capturing: आगरा खंड शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव का मतदान भले ही संपन्न हो गया हो, लेकिन सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाजवादी पार्टी के शिक्षक सीट से प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर बूथ कैपचरिंग, सरकारी तंत्र के दुरुपयोग और विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों पर दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को ‘नवभारत’ से विशेष बातचीत में उन्होंने मतगणना के दिन भी गड़बड़ी की आशंका जताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना की मांग की।
आकाश अग्रवाल ने दावा किया कि चुनाव में भाजपा के विधायक, सांसद और पदाधिकारी ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र भी भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में खड़ा दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि आगरा के सभी 27 बूथों पर गड़बड़ी हुई है। प्रशासन की ओर से तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराने की संस्तुति किए जाने को उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में महत्वपूर्ण आधार बताया।
शुक्रवार को मीडिया के सामने भावुक होकर धर्मांतरण करने की बात कहने वाले आकाश अग्रवाल ने शनिवार को इस बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि वह बेहद परेशान और मजबूर महसूस कर रहे थे। उनके मुताबिक, चुनाव के दौरान उनके समर्थकों, प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी वजह से वह भावुक हो गए थे।
आकाश ने शुक्रवार को कहा था कि वह एक महीने बाद लखनऊ जाएंगे और वहां की शाही जामा मस्जिद में धर्म परिवर्तन करेंगे। उन्होंने इस बात के पीछे एक अधिकारी की कथित टिप्पणी को वजह बताया था। आकाश के अनुसार, अधिकारी ने उनसे कहा था, ‘आप विधायक हैं, खुदा थोड़ी हैं।’ उन्होंने कहा कि इस टिप्पणी से आहत होकर उन्होंने आवेश में अपना खुदा बदलने की बात कही थी।
शनिवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण संबंधी बयान उन्होंने भावुकता में दिया था। उनका कहना था कि उनके साथ खड़े लोगों को कथित रूप से परेशान किया जा रहा था और उनके घरों पर 20 से 25 पुलिसकर्मियों को भेजे जाने जैसी घटनाओं से उनके समर्थकों में भय का माहौल बन रहा था।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान आकाश अग्रवाल ने आशंका जताई थी कि भाजपा उन्हें हथियारों का तस्कर और ड्रग्स माफिया बताकर सलाखों के पीछे भेज सकती है। शनिवार को भी उन्होंने अपने इस बयान के पीछे चुनाव के दौरान कथित दबाव और प्रताड़ना को वजह बताया।
आकाश ने कहा कि उनके चुनाव प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों और समर्थकों को कथित तौर पर परेशान किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल करके उनके साथ खड़े लोगों पर दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा तथा संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
आकाश अग्रवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी आतंक के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को डराने या दबाव में लेने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है। उनके मुताबिक, मतदान के दौरान बूथ कैपचरिंग हुई और अब मतगणना के दिन भी गड़बड़ी की आशंका है। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा हार की स्थिति में लाठियां चलवा सकती है या पुलिस बल का दुरुपयोग कर सकती है।
सपा प्रत्याशी ने कहा कि उन्होंने मतदान से पहले ही मीडिया और प्रशासनिक अधिकारियों को गड़बड़ी की आशंका से अवगत कराया था। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान वही स्थिति देखने को मिली, जिसकी उन्होंने पहले आशंका जताई थी।
आकाश ने दावा किया कि आगरा के 27 बूथों पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराने की संस्तुति की गई है। इसे उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों से जोड़ते हुए मतगणना के दौरान निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
हालांकि, सभी 27 बूथों पर गड़बड़ी और बूथ कैपचरिंग के आरोप आकाश अग्रवाल के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि तथा भाजपा और निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।
आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) के माध्यम से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया। उनके मुताबिक, विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों को बुलाकर कथित तौर पर चेतावनी दी गई कि यदि उनके पक्ष में मतदान नहीं किया तो उन्हें परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों को प्रताड़ित करने की कोशिश की गई। आकाश ने निर्वाचन अधिकारियों से मांग की कि मतगणना के दौरान सभी प्रत्याशियों के एजेंटों को निष्पक्ष वातावरण मिले और किसी भी तरह का दबाव न बनाया जाए।
भाजपा नेताओं के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए आकाश अग्रवाल ने कहा कि वह पहले सांसद राजकुमार चाहर, एमएलसी विजय शिवहरे और महापौर हेमलता दिवाकर सहित कई नेताओं के चुनाव प्रचार में शामिल हुए थे और उनके लिए वोट भी मांगे थे।
उन्होंने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शाखा में सदाचार के संस्कार सीखे हैं और विद्या भारती में शिक्षा प्राप्त की है। उनके मुताबिक, अब उन्हें भाजपा की कथनी और करनी के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। उन्होंने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के आचरण पर भी सवाल उठाए।
गंभीर आरोप लगाने के बीच आकाश अग्रवाल ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार और मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब-जब उन्होंने दोनों अधिकारियों को फोन किया, उनकी बात सुनी गई और उन्हें आश्वासन मिला।
इसके बावजूद उन्होंने मतगणना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी तंत्र और पुलिस बल का दुरुपयोग किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष मतगणना कराने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।
एमएलसी चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद अब सबकी निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। आकाश अग्रवाल के आरोपों और धर्मांतरण संबंधी बयान पर सफाई ने चुनावी विवाद को नया मोड़ दिया है। उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी मतगणना की मांग करते हुए आशंका जताई है कि परिणाम के दिन भी गड़बड़ी हो सकती है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और मतगणना के दौरान निष्पक्षता तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।