Highlights:
फर्जी मतदान के आरोपों से गरमाया माहौल
आगरा में तीन बूथों पर दोबारा मतदान के दौरान हंगामे की स्थिति
पुलिस की मुस्तैदी से टला टकराव
सपा नेता रूपाली दीक्षित ने लगाए गंभीर आरोप
Teacher Constituency Re-Polling: आगरा में एमएलसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन बूथों पर सोमवार, 26 अक्टूबर को हुए पुनर्मतदान के दौरान एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। सैंया के बाद फतेहाबाद में भी फर्जी मतदान के आरोपों को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झड़प की स्थिति बनी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के चलते किसी बड़े बवाल की स्थिति नहीं बनी रही।
आगरा में यह पुनर्मतदान ऐसे समय हुआ, जब 23 अक्टूबर को हुए एमएलसी स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के मतदान के दौरान गड़बड़ी और बूथ कैप्चरिंग की शिकायतों ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया था। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भाजपा और प्रशासन पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। इन शिकायतों के बाद आगरा के तीन बूथों पर दोबारा मतदान की प्रक्रिया कराई गई।
री-पोलिंग के दौरान सुबह के समय मतदान प्रक्रिया सामान्य रही, लेकिन दोपहर से पहले ही कुछ स्थानों पर माहौल तनावपूर्ण होने लगा। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ऐसे लोग मतदान करने पहुंच रहे थे, जिनकी पात्रता और पहचान पर संदेह था। इसी मुद्दे पर भाजपा और सपा समर्थकों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई।
फतेहाबाद में सपा नेता महेश सिसोदिया द्वारा कथित तौर पर संदिग्ध मतदाताओं को रोकने की कोशिश किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की खबर सामने आई। मौके पर मौजूद पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल होने की बात सामने आई है।
सैंया में भी भाजपा और सपा समर्थकों के बीच तनाव की स्थिति बनी। दोनों स्थानों पर पुलिस की सक्रियता और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के चलते विवाद को बढ़ने से रोकने का प्रयास किया गया।
नव भारत से विशेष बातचीत में समाजवादी पार्टी की एजेंट एवं वरिष्ठ नेता रूपाली दीक्षित ने कहा कि इस बार आगरा प्रशासन और पुलिस ने मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाएं बेहतर रखी थीं। उनका कहना था कि यदि 23 अक्टूबर को हुए मतदान के दौरान भी ऐसी ही सतर्कता बरती गई होती, तो दोबारा मतदान कराने की नौबत नहीं आती।
रूपाली दीक्षित ने आरोप लगाया कि सुबह करीब 11 से 12 बजे तक स्थिति सामान्य थी, लेकिन इसके बाद संदिग्ध मतदाताओं के पहुंचने की शिकायतें सामने आने लगीं। उनके मुताबिक, कुछ ऐसे लोग भी मतदान करने पहुंचे, जिनके शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होने पर सवाल उठाए गए। सपा कार्यकर्ताओं ने ऐसे लोगों को रोकने और उनकी पहचान की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि कुछ संदिग्ध मतदाताओं को सपा कार्यकर्ताओं ने मतदान करने से रोका। इसी दौरान भाजपा समर्थकों के साथ कहासुनी और टकराव की स्थिति बनी। रूपाली दीक्षित ने यह भी आरोप लगाया कि एक व्यक्ति के बार-बार मतदान के लिए आने का मामला सामने आया, जिसे सपा कार्यकर्ताओं ने पहचान लिया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और भाजपा का पक्ष इस संबंध में सामने आना बाकी है।
रूपाली दीक्षित ने मतगणना के दौरान भी विवाद की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि यदि जीत का अंतर अधिक रहता है तो गड़बड़ी की आशंका कम हो सकती है, लेकिन यदि मुकाबला बेहद करीबी रहा तो चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ सकते हैं। उन्होंने भाजपा पर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग की आशंका भी जताई। ये उनकी राजनीतिक आशंकाएं और आरोप हैं, जिनकी पुष्टि नहीं हुई है।
आगरा जिले में एमएलसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़ के तीन बूथों पर पुनर्मतदान कराया गया। इन बूथों पर पहले हुए मतदान को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। पुनर्मतदान के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के साथ पुलिस अधिकारियों ने भी व्यवस्था पर नजर रखी। डीसीपी ईस्ट और डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार सहित पुलिस बल की सक्रियता के बीच मतदान प्रक्रिया पूरी कराई गई। समाजवादी पार्टी के एजेंट भी मतदान केंद्रों पर सतर्क रहे।
फतेहाबाद के क्षेत्रीय पंचायत कार्यालय एवं खंड विकास अधिकारी कार्यालय में बने मतदान केंद्र पर विशेष निगरानी रखी गई। इसी बूथ से पहले मतदान के दौरान कथित गड़बड़ी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया था।
फिलहाल, आगरा के तीनों बूथों पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में पूरी हो गई। हालांकि, मतदान के दौरान फर्जी मतदाताओं को लेकर लगे आरोपों और भाजपा-सपा कार्यकर्ताओं के बीच बने तनाव ने एमएलसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। अब सबकी निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जहां चुनावी नतीजों के साथ-साथ पुनर्मतदान को लेकर उठे सवालों पर भी चर्चा जारी रहने की संभावना है।