Agra Fertilizer Fraud Case: किसानों को ब्रांडेड कंपनी के नाम पर संदिग्ध उर्वरक बेचने के कथित कारोबार का खेरागढ़ क्षेत्र में कृषि विभाग की टीम ने बड़ा खुलासा किया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर की गई कार्रवाई में टीम ने मौके से बड़ी मात्रा में संदिग्ध उर्वरक और उसकी पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने खेरागढ़ क्षेत्र में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से 79 कट्टे संदिग्ध उर्वरक बरामद किए गए। विभाग के मुताबिक, यहां DAP के खाली बैग में काला दानेदार उर्वरक भरकर उसकी दोबारा पैकिंग किए जाने का आरोप है। जांच के दौरान IPL के नाम पर खाद की पैकिंग किए जाने की बात भी सामने आई है।
छापेमारी में केवल तैयार खाद ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर पूरे पैकिंग नेटवर्क से जुड़े सामान भी बरामद हुए। टीम को मौके से 249 खाली खाद के बैग, पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली सिलाई मशीन और अन्य सामग्री मिली। इससे विभाग को आशंका है कि संदिग्ध उर्वरक को पैक कर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान मौके से एक बोलेरो पिकअप और ईको कार भी जब्त की गई हैं। कृषि विभाग ने बरामद संदिग्ध उर्वरक के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट के बाद ही इसकी गुणवत्ता और वास्तविक संरचना को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
नकली या अमानक खाद किसानों की फसल और उनकी मेहनत दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। ऐसे में कृषि विभाग की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कथित तौर पर तैयार किया जा रहा उर्वरक कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों में की जानी थी।