ईदगाह ROB जर्जर हालत में  (सोर्स- नवभारत लाइव)
आगरा

नवभारत की खबर का असर: रेलवे से प्रयागराज तक हरकत में आया रेल प्रशासन, 90 दिन में काम पूरा करने की तैयारी

Agra Eidgah ROB Repair: आगरा का करीब 60 साल पुराना ईदगाह ROB जर्जर हालत में है। रेलवे ने जीर्णोद्धार की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन ट्रैफिक डायवर्जन को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

प्रदीप कुमार रावत, स्निग्धा श्रीवास्तव

Agra Eidgah Railway Over Bridge: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के नजदीक ईदगाह बस अड्डे और खेरिया मोड़ को जोड़ने वाला करीब 60 साल पुराना रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) लंबे समय से जर्जर हालत में है। पुल की बदहाल स्थिति और उससे गुजरने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा का मुद्दा नवभारत ने प्रमुखता से उठाया था। खबर सामने आने के बाद आगरा से लेकर प्रयागराज तक रेल प्रशासन हरकत में आया है। अब रेलवे ने इस पुराने ROB के जीर्णोद्धार की कवायद शुरू कर दी है।

यह पुल आगरा के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। रोजाना हजारों लोग इसके जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में आते-जाते हैं। रोडवेज और टूरिस्ट बसों की आवाजाही भी इस मार्ग से होती है। फतेहपुर सीकरी की ओर जाने वाली कई बसें भी इसी रास्ते से गुजरती हैं। ऐसे में पुल पर मरम्मत कार्य शुरू होने की स्थिति में ट्रैफिक डायवर्जन बड़ी चुनौती बन सकता है।

वैकल्पिक मार्ग को लेकर बढ़ी लोगों की चिंता

ईदगाह ROB का वैकल्पिक मार्ग अर्जुन नगर, बारहखंबा, रुई की मंडी और नगला छउआ होते हुए ईदगाह तक पहुंचता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग पहले से ही बदहाल है और बारिश के दौरान यहां जलभराव समेत कई समस्याएं सामने आती हैं।

ईदगाह ROB जर्जर हालत में

नवभारत की टीम जब मौके पर पहुंची तो स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क और रेलवे के कार्यों में लापरवाही के चलते यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग चोटिल हो रहे हैं। बारहखंबा क्षेत्र के लोगों ने बताया कि बारिश के दिनों में जलभराव के कारण उनका घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार पानी घरों तक पहुंच जाता है और सड़क पर फिसलन के कारण लोग गिरकर चोटिल भी होते हैं।

स्थानीय लोगों को जब यह जानकारी हुई कि ईदगाह ROB का ट्रैफिक बंद होने की स्थिति में इसी मार्ग से डायवर्ट किया जा सकता है, तो उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि बारहखंबा, रुई की मंडी और नगला छउआ का मार्ग पहले से ही भारी यातायात का दबाव झेलने की स्थिति में नहीं है। यदि ईदगाह ROB का पूरा ट्रैफिक इस रास्ते पर डाल दिया गया तो स्थानीय लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।

पहले वैकल्पिक मार्ग दुरुस्त हो, फिर बंद किया जाए ROB

स्थानीय लोगों ने रेलवे और प्रशासन से मांग की है कि ईदगाह ROB पर काम शुरू करने से पहले वैकल्पिक मार्ग को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति सुधारने, जलभराव की समस्या दूर करने और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के बाद ही ROB पर ट्रैफिक डायवर्जन किया जाए।

लोगों ने रेलवे के कार्यों में कथित लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ईदगाह ROB के आसपास रेलवे का काम पहले से चल रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। यदि पुराने ROB को भी बंद कर दिया गया और पूरा यातायात ऐसे मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया जो पहले से ही समस्याओं से जूझ रहा है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

ईदगाह ROB जर्जर हालत में

रेलवे ने प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से किया संवाद

इस पूरे मामले में रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी संजय गौतम का कहना है कि ईदगाह ROB के जीर्णोद्धार का काम पूरा होने में करीब 90 दिन का समय लगेगा। उन्होंने बताया कि रेलवे की ओर से आगरा प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस से संवाद किया जा चुका है। प्रशासन और पुलिस की अनुमति मिलने की उम्मीद है और अनुमति मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

रेलवे का कहना है कि काम शुरू करने के लिए उसकी तैयारी पूरी है। अब निगाहें आगरा प्रशासन, पुलिस और रेल प्रशासन के निर्णय पर हैं कि ROB के जीर्णोद्धार के दौरान यातायात का संचालन किस तरह किया जाएगा।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या ईदगाह ROB को बंद करने से पहले बारहखंबा, रुई की मंडी और नगला छउआ वाले वैकल्पिक मार्ग को यातायात के दबाव के अनुरूप तैयार किया जाएगा, या फिर एक बार फिर बदहाल सड़क पर ही हजारों वाहनों का बोझ डाल दिया जाएगा? आने वाले दिनों में प्रशासन और रेलवे का फैसला इस पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था और स्थानीय लोगों की परेशानी तय करेगा।

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