

Protest Against UGC In Agra: यूजीसी के नियमों में बदलाव और कथित तौर पर विवादित प्रावधानों को वापस लेने की मांग को लेकर आगरा में चल रहा आंदोलन शुक्रवार को एक बार फिर सड़क पर उतर आया। करीब एक महीने से अलग-अलग स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों ने 18 सितंबर को जिला मुख्यालय कूच का ऐलान किया था। आंदोलनकारियों की ओर से दावा किया गया था कि इस कूच में करीब 5 हजार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ 50 हजार लोग शामिल होंगे।
इसी ऐलान के तहत एत्मादपुर तहसील क्षेत्र के समई गांव से शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों के आगरा की ओर बढ़ने की सूचना सामने आई। आंदोलन का नेतृत्व अंशुमान ठाकुर कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी एत्मादपुर की ओर बढ़ते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर बड़ी संख्या में युवा सड़कों पर दिखाई दिए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
वहीं प्रस्तावित ट्रैक्टर मार्च और जिला मुख्यालय कूच को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक आंदोलन से जुड़े पदाधिकारियों और नेताओं के घरों पर पुलिस पहुंची तथा उन्हें नजरबंद किए जाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की ओर से प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने एत्मादपुर क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग के साथ कंटेनर और क्रेन भी लगाए गए हैं। पुलिस की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान यातायात और आमजन की आवाजाही प्रभावित न हो तथा किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े।
पुलिस और प्रशासन की ओर से एहतियात के तौर पर तहसील क्षेत्र के विभिन्न थाना क्षेत्रों से पुलिस बल बुलाया गया है। वहीं जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर एसडीएम सहित अन्य मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की गई है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
गौरतलब है कि इससे पहले एत्मादपुर क्षेत्र में यूजीसी के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी बन चुकी है। इसके बाद 18 सितंबर के प्रस्तावित बड़े कूच को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क है।
फिलहाल एत्मादपुर से आगरा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस-प्रशासन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन जहां शांति व्यवस्था बनाए रखने और यातायात सामान्य रखने की कोशिश में जुटा है, वहीं आंदोलनकारी जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन करने पर अड़े हुए हैं।