भारी बारिश से आगरा के स्कूलों में जलभराव सोर्स- नवभारत लाइव
आगरा

स्कूल चलो अभियान पर फिरा पानी! आगरा में 700 बच्चों का भविष्य फंसा दलदल में, ग्रामीणों में आक्रोश- VIDEO

Agra News: आगरा के अछनेरा में सड़क ऊंची होने व पुलिया बंद होने से कचौरा-बस्तई मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है। स्कूलों में भी पानी भरने से 700 छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो गई।

प्रदीप कुमार रावत, अमन मौर्या

Achhnera School Waterlogging Problem: ताजनगरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर होती जा रही है। किरावली तहसील क्षेत्र के अछनेरा गांव स्थित कचौरा-बस्तई मार्ग पर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर और आसपास पानी भर जाने से करीब 700 से अधिक छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

जल भराव के कारण बच्चों को हो रही परेशानी

एक तरफ जहां सरकार स्कूल चलो अभियान के तहत बच्चों को विद्यालय में भेजने के लिए प्रेरित करती हुई दिखाई देती है, वही लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक व्यवस्थाओं एवं लापरवाही के चलते स्कूली विद्यार्थी स्कूल जाने में असमर्थ दिखाई दे रहे हैं। जल भराव के कारण बच्चों के साथ कोई अनहोनी भी हो सकती है कोई बड़ा हादसा भी संभव है। शायद प्रशासनिक अधिकारियों को किसी बड़ी घटना का इंतजार प्रतीत होता दिखाई देता है।

समस्या को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश के बाद जलभराव धीरे-धीरे विद्यालय की गली और परिसर तक पहुंच गया है। ऐसे में बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों में इस समस्या को लेकर खासा आक्रोश है। उनका आरोप है कि कचौरा-बस्तई मार्ग को मिट्टी, गिट्टी और मोरम डालकर पहले की तुलना में काफी ऊंचा कर दिया गया है। सड़क ऊंची होने के साथ ही पानी की निकासी के लिए बनी पुलिया भी बंद हो गई, जिससे बारिश का पानी आगे नहीं निकल पा रहा है।

सड़क ऊंचा होने से रुका पानी का बहाव

ग्रामीणों का कहना है कि पहले बारिश का पानी सड़क के ऊपर से होकर निकल जाता था, लेकिन सड़क का स्तर ऊंचा किए जाने के बाद पानी का प्राकृतिक बहाव रुक गया। इससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों ने सड़क को ऊंचा किए जाने के तरीके पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कार्य बिना उचित विभागीय स्वीकृति और तकनीकी प्रक्रिया के कराया गया है।

प्रशासन से जल्द स्थायी व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने, बंद पड़ी पुलिया को तत्काल चालू कराने तथा बारिश के पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द जलनिकासी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विद्यालय में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ ग्रामीणों की आवाजाही भी प्रभावित होती रहेगी।

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