जेसीबी से हटाया जा रहा मलबा और मौजूद अधिकारी।  
उत्तर प्रदेश

फिरोजाबाद में निर्माणधीन मकान का लेंटर गिरा, 4 साल की बच्ची की मौत, 21 लोग घायल

Firozabad News : यूपी के फिरोजाबाद में निर्माणाधीन 2 मंजिला मकान का लेंटर गिरने से बड़ी दुर्घटना हो गई है। हादसे में 21 लोगों के घायल होने और 1 बच्ची की मौत की सूचना है। रेस्क्यू अभियान जारी है।

रंजन कुमार

UP News : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में आज दोपहर अचानक चीख-पुकार और मातम में बदल गई। थाना उत्तर क्षेत्र के ककरऊ गांव में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस मलबे में दबकर 4 साल की मासूम बच्ची सोना की मौत हो गई। 21 लोग घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दो मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।

नई आबादी स्थित अमरदीप कॉलेज के पीछे रहने वाले अशोक यादव के मकान की दूसरी मंजिल पर लेंटर डालने का काम चल रहा था। दोपहर साढ़े तीन बजे जब मजदूर और परिवार के सदस्य वहां मौजूद थे, अचानक ढांचा चरमराकर गिर पड़ा। मलबे के नीचे 25 लोग दब गए। लोगों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि लगा जैसे कोई विस्फोट हुआ हो। आनन-फानन में ग्रामीणों ने खुद मलबा हटाना शुरू किया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची।

5 लोगों की हालत बेहद नाजुक

हादसे में घायल हुए 21 लोगों में से 5 की हालत बेहद नाजुक है। उन्हें जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। मलबा अधिक होने के कारण जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और व्यक्ति नीचे न दबा हो। नगर विधायक मनीष असीजा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवार को हर संभव आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है।

निर्माण कार्यों में बढ़ती लापरवाही

फिरोजाबाद की यह घटना दिल्ली-एनसीआर और यूपी के अन्य हिस्सों में हाल में हुए निर्माण हादसों की याद दिलाती है। कुछ समय पहले दिल्ली के भजनपुरा में निर्माणाधीन इमारत ढह गई थी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। नोएडा में भी घटिया सामग्री और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण दीवारों के गिरने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

इंजीनियर की सलाह नहीं ले रहे लोग

विशेषज्ञों का मानना है कि निजी मकानों के निर्माण के दौरान अक्सर लोग बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ (इंजीनियर) की सलाह के कच्चा ढांचा खड़ा कर देते हैं। सपोर्ट के लिए लगाई गई शटरिंग का कमजोर होना या पुरानी सामग्री का इस्तेमाल करना इन हादसों का मुख्य कारण बनता है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।

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