प्रतीकात्म तस्वी- दोरगा भर्ती (फोटो- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में घोटाला, सॉल्वर गैंग की मदद 7 लोग बने दरोगा...ऐसे हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती मामले में एक बार फिर से घोटाला सामने आया है। साल्वर गैंग की मदद से 7 लोगों के दरोगा बनने का खुलास हुआ है। जिसमें 2 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं।

Saurabh Pal

लखनऊः उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती मामले में एक बार फिर से घोटाला सामने आया है। साल्वर गैंग की मदद से 7 लोगों के दरोगा बनने का खुलास हुआ है। जिसमें 2 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं।

अब इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के ही इंस्पेक्टर ने लखनऊ के हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। इस मुकदमें 7 अभ्यर्थियों का नाम है जिसमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं।

फिंगरप्रिंट से खुले राज

यह खुलासा फिंगरप्रिंट मैचिंग के दौरा हुआ, दरअसल पुलिस भर्ती बोर्ड ने 2023 में चयनित अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट वेरिफिकेशन के चलते मिलान किया। इस दौरान फिंगरप्रिंट मैच नहीं हुआ। बता दें कि चयन प्रक्रिया के दौरान, परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट से मैच नहीं हुआ। फिंगरप्रिंट ब्यूरो की रिपोर्ट (13 अक्टूबर 2023) में यह गड़बड़ी साफ मिली। जिसके बाद इस सातों अभ्यर्थियों के खिलाफ एक्शन की तैयारी शुरू की। इसके बाद हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया।

अपनी जगह बैठाए डमी कैंडिडेट

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 2020-21 में सब-इंस्पेक्टर, प्लाटून कमांडर और अग्निशमन अधिकारी के पदों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कराई थी। जांच में सामने आया कि 7 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर सॉल्वर गैंग की मदद से अपनी जगह सॉल्वर गैंग के डमी कैंडिडेंट्स को बैठाया था। इस मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर भर्ती बोर्ड की कमेटी जांच कर रही है। इन सात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज है।

इन लोगों के नाम दर्ज हुआ FIR

धांधली के कर उत्तर प्रदेश पुलिस में दोरगा बनने वालों में अलीगढ़ निवासी गौरव कुमार, एटा निवासी कुमारी मालती, बुलंदशहर निवासी निर्भय सिंह जादौन, मेरठ निवासी रोहित कुमार, आगरा निवासी कुमारी ज्योति, गोरखपुर निवासी घनश्याम जयसवाल और महराजगंज निवासी सुधीर कुमार गुप्ता पर FIR दर्ज हुई है।

जांच में जुटी पुलिस

इस खुलासे के बाद पुलिस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। हालांकि मामले की हर पहलू से पुलिस जांच कर रही है। इसके साथ उन साल्वरों की भी तलाश कर रही है, जिन्होंने अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी।

इस सेंटरों पर हुई धांधली

खुलासे में पता चला है कि अलीगढ़ निवासी गौरव कुमार ने लखनऊ के जानकीपुरम स्थित परीक्षा केंद्र पर अपनी जगह सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास की थी। वहीं मेरठ निवासी रोहित कुमार ने लखनऊ के गुड़ंबा स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने के बजाय सॉल्वर बैठाया था। वहीं इसके अलावा जदौन निवासी निर्भय सिंह और एटा निवासी मालती ने का सेंटर आगरा में था। आगरा के सिकंदरा साल्वर गैंग की मदद से परीक्षा पास की थी। वहीं मालती ने हाथरस रोड पर स्थित सेंटर में साल्वर से परीक्षा दिलवाई थी।

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