Dearness Allowance Calculation : केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। हालांकि पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि यह बढ़ोतरी 3 से 4 प्रतिशत तक हो सकती है, लेकिन अंतिम फैसला सिर्फ 2 प्रतिशत पर ही लिया गया।
इससे कई कर्मचारियों को निराशा जरूर हुई है। लेकिन सच यह है कि DA बढ़ोतरी पूरी तरह सरकार की इच्छा पर नहीं, बल्कि एक तय गणना प्रणाली पर आधारित होती है।
दरअसल, DA तय करने के लिए 12 महीनों के औसत CPI-IW (कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स) को आधार बनाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार के आंकड़े करीब 2 से 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की ओर इशारा कर रहे थे।
इसी के चलते 7वां वेतन आयोग के नियमों के तहत DA में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी तय की गई। यानी यह फैसला पूरी तरह डेटा और फॉर्मूले पर आधारित था, न कि किसी मनमर्जी पर।
अगर महंगाई के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पिछले एक साल में महंगाई काफी हद तक नियंत्रण में रही है। भारतीय रिजर्व बैंक के तय 2 से 6 प्रतिशत के दायरे में ही महंगाई बनी रही। मार्च 2025 में यह करीब 3.34% थी, जो अप्रैल में घटकर 3.16% तक आ गई।
वहीं 2026 की शुरुआत में थोड़ी बढ़ोतरी जरूर हुई, लेकिन यह ज्यादा ऊंचे स्तर तक नहीं पहुंची। ऐसे में महंगाई का दबाव सीमित रहने के कारण DA में बड़ी बढ़ोतरी की गुंजाइश नहीं बनी।