UP Pension Scheme New Rules: उत्तर प्रदेश सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब लाभार्थियों को तीन महीने के लंबे इंतजार के बजाय हर 45 दिन में पेंशन की किस्त जारी की जाएगी।
पेंशन की 3000 रुपये की कुल राशि को अब 1500 तथा 1500 रुपये की दो किस्तों में सीधे बैंक खातों में भेजा जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फैसले से राज्य के लगभग 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों को राहत मिलेगी।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पहले लाभार्थियों को हर तीन महीने में एक बार 3000 रुपये की पूरी राशि मिलती थी। यानी दो किस्तों के बीच करीब 90 दिनों का अंतर होता था। अब सरकार ने इसी राशि को दो हिस्सों में बांटने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था में 45 दिन के अंतराल पर 1500 रुपये की किस्त खाते में भेजी जाएगी। इसके बाद अगले 45 दिन में दूसरी 1500 रुपये की किस्त जारी होगी। राशि बैंक खाते में पहुंचने के बाद लाभार्थियों को पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए जानकारी मिलने की व्यवस्था भी बताई गई है।
उत्तर प्रदेश की वृद्धावस्था पेंशन योजना में केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होती है। 80 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों के लिए कुल 3000 रुपये में केंद्र सरकार और राज्य सरकार का योगदान बराबर है। इसमें केंद्र से 1500 रुपये और राज्य से 1500 रुपये का अंशदान होता है।
वहीं 60 से 79 वर्ष की उम्र वाले लाभार्थियों के लिए राज्य सरकार का हिस्सा अधिक है। इस आयु वर्ग में 3000 रुपये की कुल राशि में राज्य सरकार 2400 रुपये और केंद्र सरकार 600 रुपये का योगदान देती है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 60 वर्ष होना जरूरी है। इसके साथ ही परिवार की वार्षिक आय भी निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए अधिकतम वार्षिक आय सीमा 46080 रुपये है। वहीं शहरी क्षेत्र के आवेदकों के लिए यह सीमा 56460 रुपये निर्धारित है। आवेदक के पास आयु प्रमाण पत्र और आधार से लिंक बैंक खाता होना भी जरूरी है।
नया आवेदन करते समय आवेदक को पंचायत या संबंधित निकाय से परिवार रजिस्टर की नकल की प्रति देनी होगी। इसके अलावा आधार कार्ड और बैंक अकाउंट पासबुक की प्रति भी आवश्यक दस्तावेजों में शामिल है।
आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो और उपलब्ध होने पर शैक्षिक योग्यता का प्रमाण पत्र भी लगाया जा सकता है। सभी दस्तावेजों की जांच और सत्यापन के बाद पात्र बुजुर्गों का नाम पेंशन सूची में शामिल किया जाएगा। नई भुगतान व्यवस्था से लाभार्थियों को कम अंतराल पर पेंशन की राशि मिलने की उम्मीद है।