Government Rules For Ration Card Surrender: फ्री राशन योजना का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में नियमों को सख्त किया है। ऐसे परिवार जो अब पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते हैं, उन्हें अपना राशन कार्ड सरेंडर करना पड़ सकता है। सरकार डिजिटल वेरिफिकेशन, आधार ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रोसेस के जरिए अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर रही है। अगर कोई व्यक्ति अपात्र होने के बावजूद सरकारी राशन का लाभ लेता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई और राशन की लागत की वसूली हो सकती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2025 के बीच देश में 2.49 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड कैंसिल या सरेंडर किए गए हैं। डिजिटाइजेशन और सख्त वेरिफिकेशन प्रोसेस के चलते फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान हुआ है।
ऑफिशियल आंकड़ों में 2013 से अब तक करीब 6 करोड़ फर्जी और इनएलिजिबल राशन कार्ड सिस्टम से हटाए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार का उद्देश्य पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम यानी PDS के तहत मिलने वाला खाद्यान्न वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाना है।
अगर परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी या सरकारी सर्विस में है और परिवार BPL कैटेगरी के लिए एलिजिबल नहीं है, तो राशन कार्ड की एलिजिबिलिटी खत्म हो सकती है। इसी तरह इनकम निर्धारित सीमा से अधिक होने पर भी बेनिफिशियरी इनएलिजिबल माना जा सकता है।
इनकम की लिमिट राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। उदाहरण के तौर पर दी गई जानकारी में दिल्ली में 2.5 लाख रुपये, हरियाणा में 1.8 लाख रुपये और कर्नाटक में 1.20 लाख रुपये की एनुअल इनकम लिमिट का उल्लेख है।
इसके अलावा पक्का मकान, फोर-व्हीलर, एसी या कुछ प्रकार की प्रॉपर्टी और बिजनेस स्टेटस जैसी परिस्थितियां भी कुछ कैटेगरी में एलिजिबिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। परिवार में कोई सदस्य इनकम टैक्स पेयर है, तो भी राशन कार्ड की एलिजिबिलिटी की जांच जरूरी है।
इनएलिजिबिलिटी के अलावा राशन कार्ड के डीएक्टिवेट या कैंसिल होने के कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। अगर कोई परिवार लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेता है, तो कार्ड को अस्थायी रूप से डीएक्टिवेट किया जा सकता है।
आधार ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा नहीं करने पर भी बेनिफिशियरी का रिकॉर्ड प्रभावित हो सकता है। वहीं परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होने या शादी के बाद किसी सदस्य के स्थायी रूप से दूसरे परिवार में चले जाने पर राशन कार्ड में उसका नाम अपडेट कराना जरूरी है।
जो लोग अपनी वर्तमान स्थिति के कारण राशन कार्ड के लिए एलिजिबल नहीं हैं, वे स्वेच्छा से कार्ड सरेंडर कर सकते हैं। इसके लिए फॉर्म 7 के जरिए राशन कार्ड सरेंडर करने की प्रोसेस उपलब्ध है।
समय पर कार्ड सरेंडर करने से इनएलिजिबल होकर राशन लेने की स्थिति से बचा जा सकता है। डिजिटल राशन कार्ड, ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी व्यवस्थाओं का उद्देश्य राशन डिस्ट्रीब्यूशन में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना और वास्तविक बेनिफिशियरीज को उनका हक दिलाना है।