PM Kisan 23rd Installment Release Timeline: केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही PM Kisan योजना के तहत किसानों को अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार है। किसानों के खातों में 13 मार्च को योजना की 22वीं किस्त के रूप में 2000 रुपये की राशि भेजी गई थी। अब देश भर के करोड़ों किसानों को पीएम किसान की 23वीं किस्त मिलने की उम्मीद जगी हुई है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जुलाई के महीने में अगली किस्त का पैसा खातों में ट्रांसफर हो सकता है।
सरकार PM Kisan योजना के तहत किसानों को एक साल में कुल 6000 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करती है। यह पैसा किसानों के बैंक खातों में तीन अलग-अलग किस्तों में सीधे तौर पर भेजा जाता है। किसानों को हर चार महीने के अंतराल पर 2000 रुपये की राशि वित्तीय सहायता के रूप में मिलती है।
मार्च महीने में PM Kisan की 22वीं किस्त जारी होने के बाद अगली किस्त जुलाई में आने का अनुमान है। हालांकि अभी तक सरकार की तरफ से 23वीं किस्त की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। सभी लाभार्थी किसानों को अगली किस्त के पैसे का लाभ उठाने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
कुछ किसान ऐसे भी हैं जो अपनी ई-केवाईसी पूरी होने के बावजूद योजना का लाभ नहीं ले सकते हैं। यह वो किसान हैं जो योजना के लिए तय की गई कुछ विशेष पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं। यदि कोई किसान पहले या वर्तमान समय में किसी संवैधानिक पद पर कार्य कर रहा है तो वह अपात्र होगा।
अगर कोई किसान केंद्र या राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले दफ्तरों में काम करता है तो उसे लाभ नहीं मिलेगा। पहले सरकारी नौकरी कर चुके किसान भी इस आर्थिक योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के अधिकारी नहीं माने जाते हैं। लेकिन इन दफ्तरों में एमटीएस क्लास 4 या ग्रुप डी पर काम करने वाले कर्मचारी योजना के पात्र होंगे।
अगर किसी किसान को हर महीने 10 हजार रुपये से ज्यादा की पेंशन मिलती है तो वह अपात्र माना जाएगा। इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति सरकार को इनकम टैक्स का भुगतान करता है तो वह भी इस योजना के पात्र नहीं है। आयकर दाताओं को इस सरकारी योजना से पूरी तरह से बाहर रखा गया है ताकि जरूरतमंदों को मदद मिल सके।
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सरकारी नियमों के अनुसार अगर व्यक्ति किसानी के साथ-साथ कोई भी पेशेवर काम करता है तो वह अपात्र होगा। पंजीकृत पेशेवर जैसे डॉक्टर वकील सीए या इंजीनियर इत्यादि इस योजना का कोई भी लाभ नहीं उठा सकते हैं। सरकार का उद्देश्य केवल उन गरीब किसानों की मदद करना है जिनकी आजीविका पूरी तरह से खेती पर ही निर्भर है।