Social Media का आपके इस दुनिया से जाने के बाद क्या होगा। (सौ. Design) 
टेक्नॉलजी

आपके जाने के बाद भी ज़िंदा रहेंगी आपकी डिजिटल यादें, मौत के बाद सोशल मीडिया का क्या होगा?

डिजिटल युग में सभी की अपनी डिजिटल विरासत होती है, जिसे बाकी किसी भी सामान की तरह संभालकर रखना परिवार की जिम्मेदारी बन जाता है। लेकिन आपके इस दुनिया से जाने के बाद आपके सभी सोशल मीडिया का क्या होगा, क्या आपने सोचा है?

सिमरन सिंह

कल्पना कीजिए कि किसी प्रियजन के अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान आप उनकी पसंदीदा धुन चलाना चाहते हैं, लेकिन जैसे ही आप उनका Spotify अकाउंट खोलने का प्रयास करते हैं, पता चलता है कि लॉगिन डिटेल्स आपके पास नहीं हैं। ऐसे में उनकी पसंदीदा प्लेलिस्ट, सालाना ‘रैप्ड’ और अन्य डिजिटल यादें हमेशा के लिए खो सकती हैं। आज जब अधिकतर जीवन ऑनलाइन हो चला है, तो डिजिटल डेटा हमारी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसे डिजिटल विरासत कहा जाता है।

क्या होती है डिजिटल विरासत?

डिजिटल विरासत को दो मुख्य वर्गों में बांटा जा सकता है—डिजिटल संपत्तियां और डिजिटल उपस्थिति।

डिजिटल संपत्तियों में वे चीज़ें आती हैं जिनका आर्थिक मूल्य होता है जैसे वेबसाइट डोमेन, ऑनलाइन कारोबार, क्रिप्टोकरेंसी, मॉनेटाइज्ड सोशल मीडिया अकाउंट्स और डिजिटल फाइलें। इन तक पहुंच अक्सर पासवर्ड सुरक्षा के कारण कठिन होती है।

वहीं, डिजिटल उपस्थिति का भावनात्मक महत्व अधिक होता है—सोशल मीडिया प्रोफाइल्स, फोटो, वीडियो, ईमेल्स, चैट्स और क्लाउड में सेव यादें। आज के दौर में इसमें हेल्थ डेटा, लोकेशन हिस्ट्री, सर्च पैटर्न और यहां तक कि AI द्वारा बनाए गए वर्चुअल अवतार भी शामिल हो चुके हैं।

डिजिटल विरासत की प्लानिंग क्यों जरूरी है?

जिस प्रकार हम भौतिक संपत्ति के लिए वसीयत तैयार करते हैं, उसी तरह डिजिटल संपत्ति की भी एक सुव्यवस्थित योजना आवश्यक है। ऐसा नहीं करने पर परिवारजनों को ना सिर्फ भावनात्मक नुकसान होता है, बल्कि वे आपकी डिजिटल यादों से भी वंचित रह सकते हैं। कम बजट में हाई स्पीड डेटा: Jio, Airtel और Vi के बेस्ट डेटा टॉप-अप प्लान्स

डिजिटल विरासत की योजना कैसे बनाएं?

  • अपने सभी डिजिटल अकाउंट्स की सूची बनाएं, यूज़रनेम और पासवर्ड सहित।
  • तय करें कौन सी जानकारी हटानी है, क्या संरक्षित रखना है और क्या साझा करना है।
  • पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें ताकि डिटेल्स सुरक्षित रहें।
  • किसी विश्वसनीय व्यक्ति को डिजिटल एक्जीक्यूटर नियुक्त करें और कानूनी सलाह लें।
  • Google Inactive Account Manager, Apple Digital Legacy जैसे टूल्स का लाभ उठाएं।

योजना नहीं होने पर क्या हो सकता है?

योजना के अभाव में परिवार को डेटा तक पहुंचने के लिए डेथ सर्टिफिकेट, कोर्ट ऑर्डर जैसे दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है। कभी-कभी तो अकाउंट्स हमेशा के लिए लॉक हो जाते हैं, और परिजन यादों के इन टुकड़ों तक नहीं पहुंच पाते।

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