Laptop and Smartphone (Source. Freepik) 
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2026 में स्मार्टफोन और लैपटॉप होंगे महंगे? RAM की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

Smartphone Price: 2026 में नया स्मार्टफोन, लैपटॉप या PC खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। इसकी वजह कोई नया टैक्स या डिजाइन नहीं।

सिमरन सिंह

RAM Price 2026: अगर आप 2026 में नया स्मार्टफोन, लैपटॉप या PC खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अभी से जेब ढीली करने के लिए तैयार हो जाइए। इसकी वजह कोई नया टैक्स या डिजाइन नहीं, बल्कि एक ऐसा कंपोनेंट है जिस पर आमतौर पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता RAM। कभी सबसे सस्ती मानी जाने वाली RAM अब तेजी से महंगी हो रही है और इसका असर लगभग हर डिजिटल डिवाइस की कीमत पर पड़ने वाला है।

अचानक क्यों बढ़ गई RAM की कीमत?

अक्टूबर 2025 के बाद से RAM की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। कई मामलों में दाम पहले से दोगुने से भी ज्यादा हो चुके हैं, जबकि कुछ कंपनियों को 4 से 5 गुना तक ज्यादा कीमतें कोट की जा रही हैं। इस बढ़ोतरी के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। सबसे बड़ा कारण है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से विस्तार।

AI और डेटा सेंटर्स ने बिगाड़ा संतुलन

AI को चलाने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर्स तैयार किए जा रहे हैं। इन डेटा सेंटर्स में हाई-परफॉर्मेंस सर्वर और खास किस्म की मेमोरी की जरूरत होती है, जिसमें RAM की खपत बेहद ज्यादा होती है। जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ा, RAM की मांग भी आसमान छूने लगी। लेकिन समस्या यह है कि RAM की सप्लाई उस रफ्तार से नहीं बढ़ पाई। मांग और सप्लाई के इसी अंतर ने कीमतों को लगातार ऊपर धकेल दिया।

छोटे नहीं, बड़े खर्चे बन गए

BBC की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आमतौर पर टेक कंपनियां छोटे खर्च खुद झेल लेती हैं ताकि ग्राहकों पर असर न पड़े। लेकिन जब लागत में बढ़ोतरी बेहद ज्यादा हो जाए, तो उसका बोझ आखिरकार कस्टमर तक पहुंचता ही है। कई PC निर्माताओं का कहना है कि मौजूदा हालात में कीमतें न बढ़ाना लगभग नामुमकिन है। एक PC निर्माता के मुताबिक, उन्हें कुछ RAM कंपोनेंट्स के लिए हाल ही में 500% तक ज्यादा कीमतें कोट की गई हैं।

हर डिवाइस पर दिखेगा असर

RAM केवल स्मार्टफोन या लैपटॉप तक सीमित नहीं है। स्मार्ट टीवी, डेस्कटॉप, मेडिकल डिवाइस और लगभग हर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट में इसका इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि RAM के महंगे होते ही पूरे टेक मार्केट पर इसका असर दिखना तय है।

2026 तक जारी रह सकती है महंगाई

टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि RAM की कीमतों में यह तेजी 2026 तक बनी रह सकती है, बल्कि 2027 तक भी हालात चुनौतीपूर्ण रहेंगे। AI के लिए इस्तेमाल होने वाली हाई-एंड मेमोरी ने पूरे बाजार को प्रभावित किया है।

कितनी बढ़ सकती है कीमत?

एक सामान्य 16GB RAM वाले लैपटॉप की मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट 2026 में 40 से 50 डॉलर तक बढ़ सकती है। वहीं स्मार्टफोन की लागत में करीब 30 डॉलर का इजाफा संभव है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।

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