When To Buy New Smartphone: आज के समय में स्मार्टफोन हमारे काम, बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, बातचीत और मनोरंजन जैसी रोजमर्रा की जरूरतों का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में अक्सर हमारे मन में यह सवाल आता है कि हमारे फोन को कब बदलना चाहिए ? या फिर क्या बाजार में नया मॉडल आते ही हमें अपना पुराना फोन बदल लेना चाहिए?
अगर आप भी इस बात को लेकर उलझन में हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। आइए जानते हैं कि आपके पुराने फोन को कब तक चलाया जा सकता है और वह कौन सा सही वक्त है जब आपको नया स्मार्टफोन खरीदने का फैसला कर लेना चाहिए।
वक्त के साथ स्मार्टफोन की बैटरी की क्षमता (कैपेबिलिटी) धीरे-धीरे कम होने लगती है। अगर आपका फोन पहले के मुकाबले जल्दी डिस्चार्ज होने लगा है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपको पूरा फोन ही बदल लेना चाहिए।
एक अच्छी क्वालिटी वाला स्मार्टफोन कई सालों तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर केवल बैटरी जल्दी खत्म हो रही है, तो आप पूरे फोन को बदलने के बजाय सिर्फ उसकी बैटरी को रीप्लेस करवा सकते हैं। बैटरी बदलने के बाद आपका पुराना फोन काफी समय तक दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी तरह, यदि स्क्रीन टूट गई है या कोई दूसरा जरूरी हिस्सा खराब हो गया है, तो उसे रिपेयर कराना या बदलना, नया फोन खरीदने की तुलना में काफी सस्ता और किफायती साबित हो सकता है।
कई बार हमारा फोन हाथों से बार-बार गिर जाता है। बाहर से देखने पर भले ही फोन बिल्कुल ठीक नजर आए, लेकिन बार-बार गिरने से उसके इंटरनल पार्ट्स को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है, जो बाहर से दिखाई नहीं देता। हालांकि, अच्छी बात यह है कि इनमें से भी कई अंदरूनी दिक्कतों को केवल खराब पार्ट्स को बदलकर आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसलिए तुरंत नया फोन लेने के बजाय एक बार रिपेयरिंग का विकल्प जरूर तलाशना चाहिए।
स्मार्टफोन के पुराने होने पर सबसे बड़ी समस्या उसका हार्डवेयर या बाहरी बॉडी नहीं, बल्कि उसका सॉफ्टवेयर होती है। कुछ साल बीत जाने के बाद मोबाइल निर्माता कंपनियां पुराने मॉडलों के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) और सिक्योरिटी अपडेट देना बंद कर देती हैं।
यह स्थिति यूजर्स के लिए सबसे ज्यादा क्रिटिकल और संवेदनशील होती है। आज हमारे स्मार्टफोन में बैंकिंग ऐप्स, पर्सनल चैट्स, यूपीआई और कई तरह की बेहद निजी और जरूरी जानकारियां सुरक्षित होती हैं। अगर आपके फोन को कंपनी की तरफ से जरूरी सिक्योरिटी अपडेट्स नहीं मिल रहे हैं, तो आपके डेटा के लीक होने या फोन हैक होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में, सिर्फ इसलिए पुराना फोन चलाते रहना कि वह अभी भी चालू है और काम कर रहा है, एक सुरक्षित और सही फैसला नहीं हो सकता।
जैसे-जैसे कोई स्मार्टफोन मॉडल ज्यादा पुराना होता जाता है वैसे-वैसे बाजार में उसके एक्सेसरीज और ओरिजिनल रिप्लेसमेंट पार्ट्स मिलना मुश्किल हो जाता है। इस वजह से खराब हुए पुराने फोन की मरम्मत कराना या तो बहुत महंगा हो जाता है या फिर नामुमकिन। अगर आपके पुराने मॉडल की बैटरी, स्क्रीन या अन्य जरूरी पार्ट्स मिलना पूरी तरह से बंद हो चुके हैं, तो ऐसे में रिपेयरिंग के पीछे पैसे बर्बाद करने के बजाय नया फोन खरीदना ही सबसे व्यावहारिक और बेहतर विकल्प होता है।
स्मार्टफोन की कोई एक तय या फिक्स एक्सपायरी डेट नहीं होती है। जब तक आपका फोन पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से काम कर रहा है और उसे लगातार जरूरी सिक्योरिटी अपडेट्स मिल रहे हैं, तब तक आपको केवल बाजार में आए नए मॉडल के आकर्षण में आकर पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है।
लेकिन अगर आपके फोन को अपडेट्स मिलने बंद हो गए हैं या फिर उसके जरूरी पार्ट्स मिलना बंद हो चुके हैं, तब सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से आपको अपना पुराना फोन बदलकर नया स्मार्टफोन ले लेना चाहिए।