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टेक्नॉलजी

सरकार ने बताए मुफ्त साइबर सुरक्षा टूल्स, मोबाइल और लैपटॉप के लिए बेहद जरूरी

डिजिटल युग में तकनीक ने रफ्तार पकड़ी है, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर हमले भी तेजी से बढ़ी हैं। आम लोग बड़ी आर्थिक हानि और निजी जानकारी के दुरुपयोग का शिकार हो रहे हैं।

सिमरन सिंह

डिजिटल युग में जैसे-जैसे तकनीक ने रफ्तार पकड़ी है, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर हमलों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। आम लोग बड़ी आर्थिक हानि और निजी जानकारी के दुरुपयोग का शिकार हो रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने नागरिकों की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।

MeitY की पहल: साइबर स्वच्छता केंद्र

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत साइबर स्वच्छता केंद्र की पहल शुरू की गई है। इस पहल के अंतर्गत कुछ अत्यंत जरूरी और मुफ्त साइबर सुरक्षा टूल्स उपलब्ध कराए गए हैं जो उपयोगकर्ताओं को मैलवेयर, बॉट्स और अन्य साइबर खतरों से सुरक्षित रखते हैं। ये टूल्स विशेष रूप से विंडोज और एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

लैपटॉप यूज़र्स के लिए मुफ्त एंटीवायरस सॉफ्टवेयर

यदि आप अपने विंडोज लैपटॉप को वायरस और बॉट्स से बचाना चाहते हैं, तो सरकार ने तीन विश्वसनीय एंटीवायरस सॉफ्टवेयर की सिफारिश की है:

  • K7 Security
  • eScan Antivirus
  • Quick Heal

इन सॉफ्टवेयर की मदद से आप अपने सिस्टम को मालवेयर और संभावित खतरों से सुरक्षित रख सकते हैं।

एंड्रॉयड मोबाइल के लिए जरूरी ऐप्स

मोबाइल फोन आज सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला डिवाइस बन चुका है, और इसे सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। सरकार ने एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए दो प्रमुख ऐप्स सुझाए हैं:

  • eScan Antivirus Mobile Version: यह ऐप खतरनाक बॉट्स की पहचान कर उन्हें हटाता है।
  • M-Kavach 2: यह ऐप C-DAC हैदराबाद द्वारा MeitY के सहयोग से विकसित किया गया है, जिसमें एंटी-थेफ्ट, ऐप ब्लॉकिंग, डेटा सिक्योरिटी और संदिग्ध लिंक से सुरक्षा जैसे फीचर्स शामिल हैं।
  • AntiFraud.AI by Quick Heal: भारत का पहला और 'मेड इन इंडिया' फ्रॉड प्रिवेंशन सॉल्यूशन है, जो सभी आयु वर्गों के लिए बदलते डिजिटल और वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ उपभोक्ता सुरक्षा में क्रांति ला रहा है।

साइबर सुरक्षा अब एक जरूरत

सिर्फ पासवर्ड बदलना या सामान्य एंटीवायरस इंस्टॉल करना अब पर्याप्त नहीं है। डिजिटल खतरे तेजी से विकसित हो रहे हैं और इनसे बचाव के लिए सरकार द्वारा प्रमाणित टूल्स का इस्तेमाल करना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल आपकी व्यक्तिगत जानकारी बल्कि आपका पूरा डिजिटल जीवन भी सुरक्षित रहेगा।

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