App Permissions: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। वहीं फोन में सिर्फ फोटो और कॉन्टैक्ट्स ही नहीं बल्कि लोकेशन, बैंकिंग ऐप्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स और कई दूसरी संवेदनशील जानकारियां भी रहती हैं। ऐसे में फोन की Privacy Settings को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। इसको कई बार ऐप इंस्टॉल करते समय हम बिना पढ़े Camera, Microphone, Location, Contacts और Files की परमिशन दे देते हैं। अगर आप अपनी डिजिटल प्राइवेसी को लेकर गंभीर हैं तो Android फोन की इन 3 सेटिंग्स को जरूर चेक करें।
Android फोन में Usage & Diagnostics नाम की सेटिंग होती है। जिसके जरिए डिवाइस के इस्तेमाल और उसके प्रदर्शन से जुड़ी कुछ जानकारी Google के साथ शेयर की जा सकती है। इसमें Google ने बताया है कि इसमें बैटरी लेवल, ऐप्स के इस्तेमाल की फ्रीक्वेंसी और नेटवर्क कनेक्शन की क्वालिटी व अवधि जैसी जानकारी शामिल हो सकती है।
अगर आप अतिरिक्त डायग्नोस्टिक जानकारी शेयर नहीं करना चाहते हैं तो इसे बंद कर सकते हैं। इसके लिए Settings > Google > More > Usage & diagnostics में जाएं और विकल्प को Off कर दें। अच्छी बात यह है कि इसे बंद करने के बाद भी Android को जरूरी सिस्टम सर्विस और अपडेट मिलते रहते हैं।
वहीं दूसरी और बेहद जरूरी सेटिंग App Permissions है। कई बार किसी ऐप को उसकी जरूरत से ज्यादा एक्सेस दे दिया जाता है। उदाहरण के लिए किसी सामान्य ऐप को Contacts, Microphone, Location या Photos का एक्सेस जरूरी नहीं हो सकता। इसे चेक करने के लिए Settings > Apps > संबंधित App > Permissions में जाएं। यहां आपको पता चल जाएगा कि ऐप के पास कौन-कौन सी परमिशन हैं। जो एक्सेस जरूरी न हो उसे Don't allow किया जा सकता है। लेकिन परमिशन बंद करने से पहले यह जरूर समझ लें कि संबंधित फीचर के लिए उसकी जरूरत तो नहीं है। उदाहरण के लिए मैपिंग ऐप के लिए लोकेशन एक्सेस जरूरी हो सकता है।
वहीं तीसरी सेटिंग Advertising ID और Ad Personalisation से जुड़ी है। Android में Advertising ID एक ऐसा यूजर-रिसेटेबल और यूजर-डिलिटेबल आइडेंटिफायर है जिसका इस्तेमाल विज्ञापन से जुड़े कामों के लिए किया जाता है। इसे चेक करने के लिए फोन में Settings > Privacy > Ads या कुछ नए Android वर्जन में Settings > Google > All services > Ads जैसे विकल्प मिल सकते हैं। फोन के मॉडल और Android वर्जन के अनुसार मेन्यू अलग हो सकता है।
अगर आपके डिवाइस में Advertising ID डिलीट करने का विकल्प उपलब्ध है और आप इसे हटाना चाहते हैं तो उसे डिलीट कर सकते हैं। कुल मिलाकर इन सेटिंग्स को समय-समय पर चेक करना आपकी डिजिटल प्राइवेसी को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद कर सकता है।