LG Smart TV Privacy: टीवी को हम आमतौर पर घर का एक सामान्य इलेक्ट्रॉनिक सामान मानते हैं। जिसमें रिमोट से टीवी बंद किया और बात खत्म। लेकिन जब यही टीवी इंटरनेट से जुड़ा हो और उसमें माइक्रोफोन लगा हो साथ ही वो घर के दूसरे स्मार्ट डिवाइस से कनेक्ट हो तो मामला सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहता। ऐसे ही LG के स्मार्ट टीवी को लेकर हुई एक नई सिक्योरिटी जांच ने यूजर्स की प्राइवेसी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बता दें कि Gamers Nexus और Level1Techs से जुड़े लोगों के साथ स्वतंत्र सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने करीब 500 घंटे तक LG Smart TV के नेटवर्क ट्रैफिक और सॉफ्टवेयर की जांच की थी। जांचकर्ताओं ने कुछ ऐसे दावे किए हैं जिनके मुताबिक टीवी के डेटा कलेक्शन और नेटवर्क गतिविधियों को लेकर सावधान रहने की जरूरत बताई गई है। लेकिन LG ने इन आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है।
जांच में सामने आया सबसे चौंकाने वाला हिस्सा टीवी के माइक्रोफोन से जुड़ा है। जिसमें रिसर्चर्स का दावा है कि कुछ टेस्ट में स्क्रीन बंद रहने के दौरान भी ऑडियो से संबंधित गतिविधि दिखाई दी रही थी। उनका यह भी कहना है कि इंटरनेट हटाने के बाद कुछ ऑडियो डेटा टीवी में स्थानीय रूप से मौजूद रहा और इंटरनेट दोबारा कनेक्ट होने पर उसे भेजे जाने की क्षमता दिखाई दी।
लेकिन LG के मुताबिक टीवी बिना यूजर की अनुमति के बातचीत रिकॉर्ड करके सर्वर पर नहीं भेजता है। वहीं कंपनी का कहना है कि ऑडियो डेटा तभी प्रोसेस किया जाता है जब यूजर रिमोट का वॉयस बटन दबाता है या पहले से एक्टिव वॉयस फीचर में Hi LG जैसे वेक वर्ड का इस्तेमाल करता है। इसके साथ ही कंपनी का कहना है कि वेक वर्ड न मिलने पर संबंधित ऑडियो थोड़ी देर में टीवी से ही हटा दिया जाता है।
इस रिसर्च में LG TV के लोकल नेटवर्क पर दूसरे डिवाइस खोजने का दावा भी सामने आया है। जिसमें फोन, कंप्यूटर, स्मार्टवॉच और अन्य नेटवर्क से जुड़े उपकरण भी शामिल हो सकते हैं। रिसर्चर्स ने नेटवर्क ट्रैफिक की जांच के लिए Wireshark जैसे टूल का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन यहां एक जरूरी अंतर समझना होगा। नेटवर्क स्कैन का मतलब यह नहीं है कि टीवी आपके फोन की फोटो, मैसेज या निजी फाइलें पढ़ रहा है।
किसी नेटवर्क पर मौजूद डिवाइस की जानकारी हासिल करना और उसके निजी कंटेंट तक पहुंचना दो अलग चीजें हैं। ऐसे में LG ने भी आसपास के उपकरणों को खोजने की क्षमता को स्मार्ट होम इकोसिस्टम में इस्तेमाल होने वाला सामान्य फीचर के रूप में दिखाया है।
फीचर्स के बारे में बताए तो स्मार्ट टीवी में Automatic Content Recognition (ACR) जैसी तकनीक का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता है। इसका उद्देश्य टीवी पर चल रहे कंटेंट को पहचानकर दर्शकों से जुड़े डेटा तैयार करना है। वहीं रिसर्चर्स का दावा है कि कुछ LG टीवी में ऐसी पहचान सिर्फ टीवी के अपने ऐप्स तक सीमित नहीं हो सकती और HDMI जैसे बाहरी सोर्स से चलने वाले कंटेंट तक भी पहुंच सकती है। ऐसा डेटा विज्ञापन कंपनियों के लिए काफी मूल्यवान हो सकता है क्योंकि इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि यूजर किस तरह का कंटेंट देखता है।
लेकिन अभी के लिए इस जांच के दावों और LG के स्पष्टीकरण के बीच अंतर साफ है। इसलिए यूजर्स के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने स्मार्ट टीवी की Privacy, Voice Recognition और Data Collection Settings जरूर चेक करें और केवल उन्हीं सुविधाओं को सक्रिय रखें जिनकी वास्तव में जरूरत होती है।