अब स्मार्टवॉच ही पकड़ लेगी आपका स्ट्रेस! नागपुर यूनिवर्सिटी की छात्राओं का अनोखा गणितीय शोध, पेटेंट हुआ पब्लिश

ECG Stress Detection: नागपुर यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने फ्रैक्टल पद्धति से ECG सक्षम स्मार्ट डिवाइस तकनीक विकसित की है, जो भविष्य में तनाव की पहचान और ECG जांच का आधुनिक विकल्प बन सकती है।
Nagpur students develop new technology
नागपुर की छात्राओं ने विकसित की नई तकनीक फोटो सोर्स- नवभारत
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Nagpur University Wearable ECG Technology: शरीर पर पहने जाने वाले 'स्मार्ट डिवाइस' अब तनाव की पहचान भी कर सकेंगे। राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर गणित विभाग की छात्राओं ने गणित की 'फ्रैक्टल' पद्धति का उपयोग करते हुए ईसीजी सक्षम एक अभिनव प्रणाली विकसित की है। यह तकनीक भविष्य में अस्पतालों में होने वाली ईसीजी जांच के आधुनिक विकल्प के रूप में सामने आ सकती है।

गणित विभाग की शोधार्थी गौरी झाडे और बबीता गायधने ने यह महत्वपूर्ण शोध किया है। उनके शोध प्रकल्प का नाम 'सिस्टम एंड मेथड फॉर ट्रेस डिटेक्शन इन वेयरेबल डिवाइस यूजिंग हाइब्रिड एचआरवी फ्रैक्टल फीचर' है। यह शोध परियोजना गणित विभागाध्यक्ष डॉ। गणेश केदार और डॉ। जरीना जोया के मार्गदर्शन में पूरी की गई। डॉ। प्रीति तायडे ने शोध परियोजना को पेटेंट कार्यालय में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण सहयोग किया। भारतीय पेटेंट कार्यालय ने इस शोध परियोजना को प्रकाशित किया है।

हृदय की धड़कनों में होने वाले सूक्ष्म बदलावों की पहचान

तेजी से बदलती जीवनशैली और विभिन्न परिस्थितियों के कारण तनाव आज आम समस्या बन गया है। समय रहते तनाव की पहचान और उसका प्रबंधन नहीं होने पर इसका शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। चिकित्सा क्षेत्र में तनाव और शरीर में होने वाले बदलावों की पहचान के लिए विभिन्न तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

Smart devices will now indicate stress levels.
अब स्मार्ट डिवाइस बताएंगे तनाव का स्तरफोटो सोर्स- नवभारत
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बदलावों की निगरानी

विद्यार्थियों ने एचआरवी से संबंधित आंकड़ों के विश्लेषण के लिए गणित की फ्रैक्टल पद्धति का उपयोग करते हुए नई प्रणाली विकसित की है। इसका उद्देश्य तनाव से जुड़े हृदय की धड़कनों में होने वाले सूक्ष्म बदलावों की पहचान करना है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस तकनीक को पहनने योग्य स्मार्ट डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे व्यक्ति के शरीर में होने वाले बदलावों की लगातार निगरानी करने और तनाव के संकेतों की पहचान करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

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