selfie (सौ. Freepik) 
टेक्नॉलजी

एक Selfie बर्बाद कर देगी जिंदगी, साइबर हैकर्स अकाउंट कर जाएंगे खाली

सेल्फी लेना आजकल के फैशन का हिस्सा बन गया है। हर कोई खूबसूरत तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर शेयर करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी तस्वीर से आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं? साइबर क्रिमिनल्स अब सेल्फी का इस्तेमाल करके आपकी पर्सनल बैंक अकाउंट की डिटेल्स को चुरा रहे हैं। इसके बाद बैंक अकाउंट से साइबर अटैक करके आपके पैसे लूट रहे हैं और धोखेबाजी कर रहे हैं। आखिर ऐसा कैसे संभव है और इससे कैसे सावधान रहा जाए, इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

सिमरन सिंह

Cyber Crime. सेल्फी लेना आजकल के फैशन का हिस्सा बन गया है। हर कोई खूबसूरत तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर शेयर करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी तस्वीर से आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं? साइबर क्रिमिनल्स अब सेल्फी का इस्तेमाल करके आपकी पर्सनल बैंक अकाउंट की डिटेल्स को चुरा रहे हैं। इसके बाद बैंक अकाउंट से साइबर अटैक करके आपके पैसे लूट रहे हैं और धोखेबाजी कर रहे हैं। आखिर ऐसा कैसे संभव है और इससे कैसे सावधान रहा जाए, इसके बारे में आज हम आपको बताएंगे।

सेल्फी ऑथेंटिकेशन और साइबर फ्रॉड

आपने कई बार देखा होगा कि कुछ ऐप और वेबसाइट के अंदर आपकी पहचान को साबित करने के लिए सेल्फी लेने की जरूरत पड़ती है। इस सेल्फी को ऑथेंटिकली कहा जाता है और वही टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ही चेक करने के लिए किया जाता है कि आप वही व्यक्ति हैं जिसका होने का दावा कर रहे हैं या नहीं।

ज्यादातर बैंक या फिनटेक कंपनी सेल्फी लेकर वेरिफिकेशन करती हैं, लेकिन इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब साइबर अपराधी अपना फायदा उठाने के लिए भी कर रहे हैं।

सेल्फी से कैसे होता है फ्रॉड

फिशिंग अटैक - इस क्राइम के अंदर साइबर अपराधी आपको फिशिंग ईमेल या फिर एसएमएस भेजते हैं। जिसके अंदर एक लिंक होता है और अगर आप उस पर क्लिक करते हैं, तो एक फर्जी वेबसाइट खुल जाती है। जहां पर आपको अपनी सेल्फी खींचने और अपलोड करने के लिए कहा जाता है। इस तरह से सेल्फी का गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है। मैलवेयर - साइबर क्राइम के अंदर फोन में मैलवेयर ऐप इंस्टॉल कर देते हैं। जिससे आपके फोन का कैमरा उनके कंट्रोल में आ जाता है। इसके बाद आपको बिना बताए आपकी सेल्फी ली जाती है और उसका गलत इस्तेमाल किया जाता है।

सोशल मीडिया और डीपफेक

साइबर अपराध के लिए साइबर हब सोशल मीडिया प्रोफाइल और उसमें से चुराई गई तस्वीरों का इस्तेमाल करके डीपफेक का इस्तेमाल भी करते हैं। डीपफेक का मतलब है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए एक नकली स्वरूप को बनाना, जिस पर किसी की तस्वीर से नकली फोटो या वीडियो को बनाया जाता है। इस तरीके से वॉइस की नकल भी की जा सकती है।

सेल्फी से साइबर अपराध

बैंक फ्रॉड करना - साइबर अपराध आपकी सेल्फी का इस्तेमाल करके आपकी बैंक अकाउंट में सेंधमारी कर सकते हैं और आपके पैसे निकाल सकते हैं।

लोन - साइबर अपराध में सेल्फी के माध्यम से आपके नाम पर लोन भी निकाला जा सकता है।

सिम कार्ड क्लोन - आपकी सेल्फी का इस्तेमाल करके साइबर क्रिमिनल्स आपकी सिम कार्ड का क्लोन भी बना सकते हैं और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके ओटीपी रिसीव कर सकते हैं।

खुद का करें इस तरह बचाव

  • अगर आप भी इस अपराध से बचना चाहते हैं तो किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
  • अपने सभी अकाउंट के लिए मजबूत और यूनिक पासवर्ड डालें।
  • सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का यूज करें।
  • अपने फोन की सिक्योरिटी को हमेशा अपडेटेड रखें।
  • अच्छे एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें और अपने फोन को मैलवेयर से सुरक्षित रखें।
  • सोशल मीडिया का सावधानी से इस्तेमाल करें और अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
  • अगर आपको कभी भी लगता है कि आपके साथ साइबर अपराध हुआ है, तो अपने बैंक से संपर्क करें और तुरंत इस बात की जानकारी दें।

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