Online Shopping Scam: त्योहारी सीजन और मेगा सेल के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग करना काफी आसान हो गया है। जिसमें स्मार्टफोन, हेडफोन से लेकर होम अप्लायंस और फर्नीचर तक पर आकर्षक ऑफर, कैशबैक, ईएमआई और नो-कॉस्ट ईएमआई जैसे विकल्प मिलते हैं। लेकिन यही समय साइबर ठगों के लिए भी कमाई का मौका बन जाता है। मेगा सेल, 80 प्रतिशत तक डिस्काउंट, लिमिटेड स्टॉक जैसे मैसेज देखकर तुरंत पेमेंट करने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच जरूर कर ले नहीं तो भारी नुकसान हो सकता है।
जानारी के लिए बता दें कि स्कैमर्स असली ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी साइट तैयार कर सकते हैं। इनमें प्रोडक्ट की तस्वीरें, फर्जी रिव्यू, डिस्काउंट बैनर और काउंटडाउन टाइमर तक दिखाया जाता है ताकि ग्राहक जल्दबाजी में फैसला ले। वहीं अगर किसी प्रोडक्ट की कीमत बाजार के मुकाबले बेहद कम है तो इसे सिर्फ शानदार ऑफर न समझें। सेलर इसको लेकर जानकरी देते है कि वेबसाइट का यूआरएल, रिटर्न-रिफंड पॉलिसी और ऑनलाइन रेपुटेशन जरूर चेक करें।
वहीं Instagram और Facebook जैसे प्लेटफॉर्म पर छोटे बिजनेस और नए सेलर आसानी से ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं। लेकिन हर प्रोफाइल भरोसेमंद हो यह जरूरी नहीं। कई बार ठग आकर्षक प्रोडक्ट दिखाकर एडवांस पेमेंट लेते हैं और फिर अकाउंट या पेज गायब कर देते हैं। ऐसे में किसी अनजान सेलर को पैसे भेजने से पहले उसकी अकाउंट हिस्ट्री, बिजनेस डिटेल्स और कस्टमर फीडबैक जरूर देखें। अगर कोई सेलर पर्सनल अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए या रिटर्न की जानकारी न दे तो सावधान हो जाएं।
इसके अलावा बिना ऑर्डर किया गया पैकेज मिलने पर तुरंत पेमेंट न करें। इस स्थिति में परिवार के सदस्यों से पहले कन्फर्म कर लें कि किसी ने ऑर्डर तो नहीं किया। इसी तरह सोशल मीडिया पर मौजूद फर्जी कस्टमर सपोर्ट अकाउंट से भी सावधान रहें। स्कैमर्स शिकायतों का जवाब देकर निजी चैट में ले जा सकते हैं और OTP, कार्ड या बैंकिंग जानकारी मांग सकते हैं। वहीं फिशिंग लिंक के जरिए भी नकली पेमेंट पेज पर पहुंचाया जा सकता है। जिसमें बाहरी लिंक, QR कोड या थर्ड-पार्टी वेबसाइट से पेमेंट करने के बजाय हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करना आपके लिए सही रहेगा।
वहीं अगर कोई अनधिकृत ट्रांजैक्शन हो जाता है या आपकी वित्तीय जानकारी गलत व्यक्ति से साझा हो जाती है तो तुरंत बैंक या पेमेंट प्रोवाइडर से संपर्क करें। जिसमें ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट, मैसेज, फोन नंबर और ऑर्डर से जुड़े सबूत सुरक्षित रखें।
इसके साथ ही सलाह दी जाती है कि वेबसाइट का एड्रेस ध्यान से जांचें, OTP/पासवर्ड/CVV कभी शेयर न करें और ऐप केवल Google Play Store या Apple App Store से डाउनलोड करें। याद रखें बहुत बड़ा डिस्काउंट हमेशा बड़ी बचत नहीं होता कभी-कभी यह ठगी का जाल भी हो सकता है।