Sam Altman ने DRAM के बारे में क्या कहा। Source. Social Media
टेक्नॉलजी

PC में बेकार पड़ी RAM से नाराज Sam Altman, बोले- क्लाउड डेटा सेंटर में इस्तेमाल होनी चाहिए दुनिया की मेमोरी

Sam Altman RAM Statement: OpenAI के CEO Sam Altman की इस पर अलग राय दी है। उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में DRAM की सीमित सप्लाई का बड़ा हिस्सा लोगों के पर्सनल कंप्यूटर में पड़ा रहता है।

सिमरन सिंह

Highlight:

  • Sam Altman ने दुनियाभर में DRAM की सीमित सप्लाई को लेकर बात की है।

  • Cheeky Pint पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान उन्होंने DRAM को लेकर बात की थी।

  • उनका कहना था कि DRAM रखना दुनिया के सीमित संसाधनों का सही इस्तेमाल नहीं है।

Local vs Cloud Computing: कंप्यूटर और लैपटॉप में ज्यादा RAM रखना आजकल कई यूजर्स की जरूरत बन गया है। जिसमें खासकर गेमिंग, वीडियो एडिटिंग और AI टूल्स इस्तेमाल करने वालों के लिए ज्यादा मेमोरी काफी काम आती है। लेकिन OpenAI के CEO Sam Altman की इस पर अलग राय दी है। उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में DRAM की सीमित सप्लाई का बड़ा हिस्सा लोगों के पर्सनल कंप्यूटर में पड़ा रहता है और ज्यादातर समय उसका इस्तेमाल नहीं करना है। उनके मुताबिक इस मेमोरी का इस्तेमाल क्लाउड डेटा सेंटर में ज्यादा प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।

Altman ने यह बात Cheeky Pint पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान कही। वहीं उनका बयान ऐसे समय आया है जब AI इंडस्ट्री में कंप्यूटिंग पावर और मेमोरी चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन उनकी इस राय से लोकल AI और पर्सनल कंप्यूटर इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के बीच नई बहस शुरू हो गई है।

Sam Altman को PC की RAM से क्या परेशानी है?

इस पॉडकास्ट में Sam Altman ने कहा कि कई लोग ओपन-सोर्स AI मॉडल अपने कंप्यूटर पर चलाना चाहते हैं। लेकिन उनके मुताबिक हर व्यक्ति के कंप्यूटर में बड़ी मात्रा में DRAM रखना दुनिया के सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल नहीं है।

उन्होंने कहा कि पर्सनल कंप्यूटर में मौजूद RAM करीब 5 फीसदी समय ही इस्तेमाल होती है। इसके बजाय क्लाउड डेटा सेंटर में एक ही मेमोरी रिसोर्स को कई यूजर्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन 5 फीसदी का आंकड़ा Altman का अनुमान है कोई स्वतंत्र रूप से प्रमाणित औसत नहीं।

Local और Cloud Computing में क्या है अंतर?

वहीं लोकल कंप्यूटिंग में किसी सॉफ्टवेयर या AI मॉडल की प्रोसेसिंग सीधे आपके कंप्यूटर के प्रोसेसर और RAM पर होती है। इसके लिए हर काम के दौरान इंटरनेट कनेक्शन जरूरी नहीं होता। वहीं क्लाउड कंप्यूटिंग में डेटा और प्रोसेसिंग रिमोट सर्वर पर होती है। यूजर इंटरनेट के जरिए इन संसाधनों का इस्तेमाल करता है। इससे महंगे हार्डवेयर के बिना भी कई एडवांस AI सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं।

इंटरनेट बंद हुआ तो क्या होगा?

बताया जाता है कि क्लाउड कंप्यूटिंग की सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट पर निर्भरता है। अगर कनेक्शन टूट जाए तो ऑनलाइन AI टूल्स, क्लाउड ऐप्स और ऑनलाइन स्टोरेज तक पहुंच प्रभावित हो सकती है। वहीं जिन फाइलों को ऑफलाइन डाउनलोड नहीं किया गया है वे भी उपलब्ध नहीं होंगी। दूसरी तरफ लोकल कंप्यूटिंग बिना इंटरनेट के भी काम कर सकती है। इससे डेटा को बाहरी सर्वर पर भेजने की जरूरत कम होती है और कुछ काम तेजी से पूरे हो सकते हैं।

इसलिए क्लाउड और लोकल कंप्यूटिंग दोनों की अपनी उपयोगिता है। वहीं Altman की दलील मुख्य रूप से दुनिया में DRAM की कमी और उसके बेहतर इस्तेमाल को लेकर है न कि यह कि हर यूजर को अपने कंप्यूटर से RAM हटा देना चाहिए।

प्रदर्शन के नाम पर कब्जा नहीं कर सकते...जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- तय हो समय और जगह

PIB Fact Check: क्या सच में PM मोदी दे रहे सभी को 8,000 रुपए का दिवाली बोनस, जानें इसके पीछे का खेला

2014 से पहले सिर्फ 5 शहरों में थी मेट्रो, पुणे पिंक लाइन के उद्घाटन समारोह से PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला

दिल्ली की जहरीली हवा के बीच DMRC का बड़ा ऐलान, अब मेट्रो लगाएगी 20 अतिरिक्त फेरे; राजधानी में GRAP-2 लागू

दुनिया के किन 10 देशों में हिंदुओं की आबादी सबसे ज्यादा? भारत दूसरे नंबर पर