QR Code Scam: कैब या बाइक राइड खत्म होने के बाद QR कोड स्कैन करके पेमेंट करना आज बेहद आम सी बात हो गई है। लेकिन सोचिए अगर QR स्कैन करने के बाद पेमेंट में दिक्कत आए और आप कैश दे दें और कुछ ही देर बाद आपके फोन पर नए UPI रजिस्ट्रेशन के मैसेज आने लगें तो आप क्या करेंगे? ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसने QR कोड से होने वाले संभावित साइबर फ्रॉड को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
बता दें कि यह मामला आशीष चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। उन्होंने बताया कि उनकी बहन की कैब राइड खत्म होने के बाद QR कोड से पेमेंट करने की कोशिश की गई थी लेकिन किसी वजह से भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद कैश में भुगतान किया गया। लेकिन मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इसके तुरंत बाद फोन पर UPI रजिस्ट्रेशन से जुड़े मैसेज आने लगे। आशीष ने इसके स्क्रीनशॉट भी शेयर किए और मुंबई ट्रैफिक पुलिस, साइबर पुलिस और Uber को टैग भी किया। लेकिन पोस्ट में यह जानकारी नहीं है कि UPI रजिस्ट्रेशन के बाद खाते से पैसे निकाले गए या नहीं।
जानकारी के लिए बता दें कि QR कोड से जुड़े फ्रॉड के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। जिसमें ठग नकली QR कोड के जरिए लोगों को गलत पेमेंट पेज पर भेज सकते हैं। लेकिन इस मामले में UPI का नया रजिस्ट्रेशन होना ज्यादा गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वैसे सामान्य तौर पर UPI रजिस्ट्रेशन के दौरान बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर वाली SIM का फोन में होना जरूरी होता है। इसके साथ ही संबंधित ऐप SMS के जरिए मोबाइल नंबर को वेरिफाई करता है। इसलिए अगर यूजर ने खुद UPI रजिस्ट्रेशन नहीं किया और फिर भी ऐसा अलर्ट आ रहे है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
देखा गया कि सोशल मीडिया पर Strong opinions नाम के अकाउंट ने इस मामले को लेकर एक संभावित तरीका बताया है। उसमें यूजर का कहना है कि किसी QR कोड में ऐसा Android Deep Link Intent पेलोड छिपाया जा सकता है, जो सामान्य पेमेंट पेज की जगह किसी दूसरे पेज या प्रक्रिया को ट्रिगर करे। लेकिन इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अभी तक ऐसे कई मामलों की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए इसे साबित हुआ स्कैम मानने के बजाय संभावित साइबर जोखिम के तौर पर देखा जा रहा है।
सलाह दी जाती है कि अगर QR कोड को लेकर जरा भी शक हो तो QR की जगह फोन नंबर लेकर UPI पेमेंट करना बेहतर है। और अगर ऐसा UPI रजिस्ट्रेशन दिखे जिसे आपने खुद नहीं किया है तो तुरंत बैंक से संपर्क करें और साइबर फ्रॉड की शिकायत के लिए 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर संदिग्ध UPI ID को भी तुरंत हटाएं।