Deepfake Threat in India: डिजिटल दौर में जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं इसके साथ एक नया खतरा भी लोगों के सामने खड़ा हो गया है Deepfake। अब यह सिर्फ टेक्नोलॉजी का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और भरोसे पर सीधा असर डाल रहा है। इसी बीच केंद्र सरकार की तरफ से एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने हर सोशल मीडिया यूजर को सतर्क कर दिया है।
केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Deepfake को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने इस तरह के फर्जी कंटेंट को हटाने की रफ्तार दो से तीन गुना तक बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा कि, "सोशल मीडिया कंपनियों ने अब इस तरह के फर्जी कंटेंट को हटाने की अपनी कार्रवाई को दो से तीन गुना तक तेज कर दिया है।"
आज के समय में AI की मदद से ऐसे वीडियो, तस्वीरें और ऑडियो बनाए जा रहे हैं जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं, लेकिन हकीकत में पूरी तरह नकली होते हैं। यही वजह है कि Deepfake अब सिर्फ एक तकनीकी चुनौती नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
आईटी मंत्री के मुताबिक, दुनियाभर की सरकारें और सोशल मीडिया कंपनियां इस खतरे से निपटने के लिए तेजी से कदम उठा रही हैं। फर्जी कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी तेज कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति और संस्था को मिलकर काम करना होगा।
इस दौरान अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा कि फिलहाल इसका हाईटेक इंडस्ट्री पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। सरकार ने सेमीकंडक्टर, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़े संगठनों से बातचीत की है।
अब तक किसी भी कंपनी ने सप्लाई चेन या उत्पादन पर असर की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है क्योंकि स्थिति कभी भी बदल सकती है।
साफ है कि आने वाले समय में Deepfake का खतरा और बढ़ सकता है, ऐसे में सतर्क रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।