AI से लोग प्सार करने लगे है क्योंकि वो अकेले है। (सौ. AI) 
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अकेलापन दूर करने के लिए लोग कर रहे हैं एआई चैटबॉट से प्यार! विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

एआई चैटबॉट्स से प्यार करने लगे हैं। यह सुनने में किसी फिल्मी कहानी की तरह लग सकता है, लेकिन वास्तविकता में कई लोग भावनात्मक रूप से एआई-पावर्ड चैटबॉट्स से जुड़ रहे हैं।

सिमरन सिंह

नवभारत टेक डेस्क: आज की डिजिटल दुनिया में अकेलापन दूर करने के लिए लोग नए-नए तरीके अपना रहे हैं। हाल ही में एक चौंकाने वाली प्रवृत्ति सामने आई है—लोग एआई चैटबॉट्स से प्यार करने लगे हैं। यह सुनने में किसी फिल्मी कहानी की तरह लग सकता है, लेकिन वास्तविकता में कई लोग भावनात्मक रूप से एआई-पावर्ड चैटबॉट्स से जुड़ रहे हैं।

भारतीय युवाओं की राय: क्या एआई चैटबॉट से हो सकता है प्यार?

मैकएफी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 7,000 युवाओं की राय ली गई, जिसमें 61% से अधिक भारतीयों ने माना कि एआई चैटबॉट के लिए भावनाएं विकसित करना संभव है।

  • 50% से अधिक लोगों का कहना है कि उन्हें किसी रियल व्यक्ति की बजाय चैटबॉट द्वारा संपर्क किया गया है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रवृत्ति भावनात्मक स्वास्थ्य और संचार कौशल पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

क्या चैटबॉट से इमोशनल अटैचमेंट सही है? विशेषज्ञों की राय

क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. श्रेयस्था बेपारी के अनुसार, "एआई चैटबॉट्स हमारे व्यक्तित्व और पसंद को समझते हैं, जिससे वे एक भावनात्मक कनेक्शन बना सकते हैं। हालांकि, इससे वास्तविक दुनिया में लोगों के साथ बातचीत करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।"

क्या दिमाग असली और नकली में फर्क कर पाता है?

मनोवैज्ञानिक शोध बताते हैं कि मस्तिष्क एक वास्तविक व्यक्ति और एआई चैटबॉट के बीच ज्यादा अंतर नहीं कर पाता। जब कोई व्यक्ति एआई चैटबॉट के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ता है, तो उसका अनुभव किसी रियल रिलेशनशिप की तरह ही होता है।

भारत से लेकर अमेरिका तक बढ़ रहा ट्रेंड

यह प्रवृत्ति केवल भारत तक सीमित नहीं है।

  • न्यूयॉर्क में 28 वर्षीय महिला ने एआई चैटबॉट के साथ एक प्रोफाइल बनाया और औसतन 20 घंटे प्रतिदिन चैट करने लगी।
  • यह मामला दर्शाता है कि लोग एआई को साथी के रूप में स्वीकार करने लगे हैं।

डेटिंग के लिए इंस्टाग्राम का बढ़ता उपयोग

मैकएफी सर्वे के अनुसार, डेटिंग ऐप्स की तुलना में अधिक भारतीय साथी खोजने के लिए इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं।

  • पिछले साल टिंडर ने दो लोगों को बेहतर ढंग से मिलाने के लिए एआई-पावर्ड टूल्स लॉन्च किए थे।
  • कई लोग दावा करते हैं कि उन्हें डेटिंग प्लेटफॉर्म पर चैटबॉट्स ने रियल व्यक्ति की तरह संपर्क किया।

भारत में उपलब्ध एआई गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड ऐप्स

आजकल प्ले स्टोर पर कई एआई-आधारित डेटिंग ऐप्स उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • "डेटिन एआई" – इसमें यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार एआई से रोमांटिक बातचीत कर सकते हैं।
  • "इंडियन एआई गर्लफ्रेंड उर्वशी"
  • "रोमांटिक एआई बॉयफ्रेंड एडम"
  • "अप्सरा: इंडियन एआई गर्लफ्रेंड"

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