Cyber fraud की वजह से लोग है परेशान। (सौ. Freepik) 
टेक्नॉलजी

केदारनाथ और सोमनाथ यात्रा के नाम पर ऑनलाइन ठगी, जानें कैसे बचें

आजकल देश में धर्म के नाम पर भी लोगों को लूटा जा रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइटों और झूठे विज्ञापनों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है, ताकि ऐसी चीजों में फंसकर उन्हें कोई नुकसान न हो।

सिमरन सिंह

नवभारत टेक डेस्क: साइबर अपराधी भोले-भाले श्रद्धालुओं को ठगने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। इसी को लेकर सरकारी एजेंसी द्वारा ऑपरेट किए जा रहे CyberDost I4C ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। X (पूर्व ट्विटर) पोस्ट के माध्यम से श्रद्धालुओं को फर्जी वेबसाइटों और झूठे विज्ञापनों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

फर्जी टूर पैकेज ऑफर कर रहे हैं स्कैमर्स

CyberDost ने बताया कि स्कैमर्स सोमनाथ और केदारनाथ यात्रा जैसी तीर्थ यात्राओं के नाम पर फर्जी टूर पैकेज ऑफर कर रहे हैं। ये फेक वेबसाइट्स श्रद्धालुओं से भुगतान करवाकर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि बुकिंग के लिए हमेशा ऑफिशियल वेबसाइट्स का ही इस्तेमाल करें:

कैसे पहचानें फेक वेबसाइट?

1. URL की जांच करें

फर्जी वेबसाइट्स अक्सर वास्तविक साइट के नाम से मिलती-जुलती URL का उपयोग करती हैं। स्पेलिंग में मामूली अंतर हो सकता है, जिसे ध्यान से पढ़कर पहचाना जा सकता है।

2. डोमेन एक्सटेंशन पर ध्यान दें

विश्वसनीय वेबसाइट्स आमतौर पर .com, .org जैसे डोमेन का प्रयोग करती हैं। .xyz, .top, या .info जैसे सस्ते डोमेन से सावधान रहें। साथ ही, वेबसाइट में HTTPS कनेक्शन होना चाहिए, लेकिन सिर्फ HTTPS देखकर पूरी तरह भरोसा न करें।

3. वेबसाइट डिजाइन और भाषा जांचें

असली वेबसाइट का डिजाइन प्रोफेशनल होता है, जबकि फर्जी साइट्स में गलतियां, खराब ग्राफिक्स और टाइपिंग मिस्टेक्स देखी जा सकती हैं। टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

4. संपर्क विवरण की पुष्टि करें

किसी भी वेबसाइट पर दिए गए फोन नंबर या ईमेल से संपर्क कर उसकी विश्वसनीयता जांचना बेहद जरूरी है।

सतर्क रहने की जरूरत

आज के डिजिटल युग में श्रद्धालुओं को भी साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना चाहिए। फर्जी वेबसाइट्स से खुद को बचाने के लिए सतर्कता, सही जानकारी और आधिकारिक स्रोतों का उपयोग ही सबसे बड़ा हथियार है।

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