CRS Mark (Source. BIS) 
टेक्नॉलजी

चार्जर-मोबाइल खरीदते वक्त भूलकर भी न करें ये गलती, वरना जान तक पर बन सकता है खतरा

CRS Mark: मोबाइल फोन, चार्जर, ईयरफोन, पावर बैंक और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बाजार में जगह-जगह सस्ते ऑफर और लोकल दुकानों पर कम कीमत कई चीजें मिलती है

सिमरन सिंह

CRS Mark In Phone And Charger: आज के समय में मोबाइल फोन, चार्जर, ईयरफोन, पावर बैंक और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। बाजार में जगह-जगह सस्ते ऑफर और लोकल दुकानों पर कम कीमत देखकर लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे इन्हें खरीद लेते हैं। लेकिन अगर आपने खरीदारी के वक्त CRS मार्क पर ध्यान नहीं दिया, तो यह छोटी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी में बदल सकती है।

क्या होता है CRS मार्क?

CRS का पूरा नाम Compulsory Registration Scheme है। यह योजना भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा लागू की गई है। इसके तहत मोबाइल फोन, चार्जर, पावर बैंक, टीवी, लैपटॉप जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स को तय सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना जरूरी होता है। जब कोई प्रोडक्ट सभी जरूरी टेस्ट पास कर लेता है, तभी उसे CRS रजिस्ट्रेशन और BIS का मान्यता प्राप्त मार्क दिया जाता है।

CRS मार्क क्यों है इतना जरूरी?

CRS मार्क यह भरोसा देता है कि जिस इलेक्ट्रॉनिक सामान को आप इस्तेमाल कर रहे हैं, वह सुरक्षित मानकों के अनुसार बना है। बिना CRS मार्क वाले प्रोडक्ट्स में शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग, बैटरी फटना या करंट लगने जैसी घटनाओं का खतरा कई गुना ज्यादा होता है। खासतौर पर चार्जर और पावर बैंक अगर घटिया क्वालिटी के हों, तो ये न सिर्फ आपके मोबाइल को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि आपकी जान के लिए भी जोखिम बन सकते हैं।

बिना CRS मार्क वाले प्रोडक्ट से क्या हो सकता है नुकसान?

अगर आप बिना CRS मार्क वाला मोबाइल, चार्जर या पावर बैंक इस्तेमाल करते हैं, तो फोन जल्दी खराब हो सकता है, बैटरी की लाइफ कम हो जाती है और कभी-कभी अचानक आग लगने जैसी गंभीर घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। कई मामलों में नकली चार्जर के कारण घरों में आग लगने की खबरें आ चुकी हैं। इतना ही नहीं, ऐसे प्रोडक्ट्स पर न तो भरोसेमंद वारंटी मिलती है और न ही शिकायत करने का सही प्लेटफॉर्म।

CRS मार्क की पहचान कैसे करें?

किसी भी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के बॉक्स या डिवाइस के पीछे आपको BIS का लोगो और CRS रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा हुआ मिलेगा। चाहें तो इस नंबर को BIS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी जांच सकते हैं। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय प्रोडक्ट डिस्क्रिप्शन में CRS या BIS सर्टिफिकेशन का जिक्र जरूर देखें।

खरीदारी के समय रखें ये जरूरी सावधानियां

हमेशा ब्रांडेड और भरोसेमंद दुकानों से ही इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदें। बहुत ज्यादा सस्ती कीमत देखकर तुरंत फैसला न लें। मोबाइल, चार्जर या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि उस पर CRS मार्क मौजूद है या नहीं।

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