गलत चार्जर से हो सकता है बड़ा नुकसान, सरकार ने दी चेतावनी, जानें क्या है CRS मार्क वाला सेफ चार्जर

Disadvantages of fake charger: स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी गैजेट बन चुका है। काम में, सफर में, या मनोरंजन में फोन जरूरी है लेकिन गलत चार्जर का इस्तेमाल आपके स्मार्टफोन को खराब भी कर सकता है।
गलत चार्जर से हो सकता है बड़ा नुकसान, सरकार ने दी चेतावनी, जानें क्या है CRS मार्क वाला सेफ चार्जर
Charger जो आपके फोन के लिए नहीं है सही। (सौ. Freepik)
Updated on

Smartphone Safety Fake Charger Alert: आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी गैजेट बन चुका है। यह हर वक्त हमारे साथ रहता है काम में, सफर में, या मनोरंजन में। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत चार्जर का इस्तेमाल आपके स्मार्टफोन के साथ-साथ आपकी सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है? इसी चेतावनी को दोहराते हुए भारत सरकार की एजेंसी 'Jago Grahak Jago' ने अपने X अकाउंट से एक महत्वपूर्ण पोस्ट जारी किया है।

सरकारी चेतावनी: गलत चार्जर से बचें

एजेंसी ने पोस्ट में साफ लिखा है कि "भूलकर भी गलत चार्जर का इस्तेमाल न करें"। कई बार लोग सस्ते चार्जर की चाह में सब-स्टैंडर्ड या नकली चार्जर खरीद लेते हैं, जो न तो किसी सुरक्षा मानक का पालन करते हैं और न ही सर्टिफाइड होते हैं। ऐसे चार्जर आपके फोन को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ बिजली के झटके या आग लगने का खतरा भी बढ़ा सकते हैं।

कौन सा चार्जर खरीदना चाहिए?

अगर आप अपने फोन और अपनी सुरक्षा दोनों को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो हमेशा CRS मार्क वाला चार्जर ही खरीदें। CRS (Compulsory Registration Scheme) मार्क यह सुनिश्चित करता है कि चार्जर सरकारी सुरक्षा मानकों को पूरा करता है। पोस्ट में CRS मार्क का उदाहरण भी दिखाया गया है ताकि ग्राहक असली और नकली चार्जर के बीच फर्क समझ सकें।

क्या होते हैं सब-स्टैंडर्ड चार्जर?

सब-स्टैंडर्ड चार्जर वे होते हैं जो किसी ब्रांडेड कंपनी के न होकर, फर्जी नाम से बेचे जाते हैं। जिन पर CRS या BIS मार्क मौजूद नहीं होता। जिनमें खराब क्वालिटी के कंपोनेंट लगाए जाते हैं। और जो असली चार्जर की कॉपी करके बाजार में बेचे जाते हैं।

क्या नुकसान पहुंचा सकते हैं ये नकली चार्जर?

सब-स्टैंडर्ड चार्जर कई तरह के खतरे पैदा कर सकते हैं:

  • स्मार्टफोन की बैटरी ओवरचार्ज होकर फट सकती है या उसका बैकअप खत्म हो सकता है।
  • चार्जिंग के दौरान फोन का मदरबोर्ड खराब हो सकता है, जिसकी मरम्मत बेहद महंगी पड़ती है।
  • कई बार ऐसे चार्जर से इलेक्ट्रिक शॉक या स्पार्किंग भी हो सकती है।
  • कुछ मामलों में मोबाइल में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं।

ध्यान दें

सरकार की यह चेतावनी हर मोबाइल यूजर के लिए अहम है। अगली बार जब आप चार्जर खरीदें, तो केवल CRS मार्क वाला ओरिजिनल चार्जर ही चुनें। याद रखें थोड़ी सी सावधानी आपकी जान और फोन दोनों बचा सकती है।

Navbharat Live
navbharatlive.com