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Netflix को कोर्ट का झटका, मिडिल क्लास के लिए राहत, अब मिल सकता है हजारों का रिफंड

Netflix को इटली की अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने 2017 से 2024 के बीच बढ़ाई गई सब्सक्रिप्शन कीमतों को गैरकानूनी करार देते हुए कंपनी को यूजर्स को पैसा वापस करने का आदेश दिया है।

सिमरन सिंह

Netflix को इटली की अदालत से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने 2017 से 2024 के बीच बढ़ाई गई सब्सक्रिप्शन कीमतों को गैरकानूनी करार देते हुए कंपनी को यूजर्स को पैसा वापस करने का आदेश दिया है। इस फैसले से लाखों यूजर्स को राहत मिलने की उम्मीद है और यह पूरे OTT इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।

कोर्ट का फैसला: क्यों गैरकानूनी ठहराई गई कीमत बढ़ोतरी?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली के रोम की अदालत ने कहा कि Netflix ने बिना ठोस कारण बताए बार-बार कीमतें बढ़ाईं। यह मामला उपभोक्ता संगठन Movimento Consumatori की शिकायत के बाद सामने आया। कोर्ट ने माना कि:

  • कीमत बढ़ाने की स्पष्ट वजह कॉन्ट्रैक्ट में नहीं बताई गई
  • यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है
  • यह कदम कंज्यूमर कानून के खिलाफ है

अब इस फैसले के बाद यूजर्स को रिफंड और प्लान में राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

यूजर्स को कितना मिलेगा रिफंड?

रिपोर्ट के अनुसार Netflix ने:

  • 2017, 2019, 2021 और 2024 में कीमतें बढ़ाईं
  • प्रीमियम प्लान में कुल करीब 8 यूरो प्रति महीने का इजाफा
  • स्टैंडर्ड प्लान में लगभग 4 यूरो प्रति महीने की बढ़ोतरी

ऐसे में: लंबे समय से जुड़े प्रीमियम यूजर्स को करीब 500 यूरो (लगभग ₹53,000) तक रिफंड मिल सकता है स्टैंडर्ड यूजर्स को लगभग 250 यूरो तक वापस मिल सकते हैं यह रकम मिडिल क्लास यूजर्स के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

Netflix को चलाना होगा सूचना अभियान

कोर्ट ने सिर्फ रिफंड का आदेश ही नहीं दिया, बल्कि Netflix को 90 दिनों के भीतर एक सार्वजनिक सूचना अभियान चलाने का निर्देश भी दिया है। कंपनी को:

  • अपनी वेबसाइट पर जानकारी देनी होगी
  • प्रमुख अखबारों में नोटिस प्रकाशित करना होगा

अगर कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो उसे रोजाना 700 यूरो का जुर्माना देना पड़ेगा।

अब Netflix के पास क्या विकल्प?

Netflix ने इस फैसले को स्वीकार नहीं किया है और कहा है कि वह इसके खिलाफ अपील करेगा। कंपनी का दावा है कि उसने हमेशा स्थानीय कानूनों का पालन किया है और यूजर्स के अधिकारों का सम्मान करती है। लेकिन अगर बड़ी संख्या में यूजर्स रिफंड का दावा करते हैं, तो कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।

OTT इंडस्ट्री के लिए क्या है संकेत?

यह फैसला सिर्फ Netflix तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी OTT इंडस्ट्री के लिए एक चेतावनी है कि बिना पारदर्शिता के कीमत बढ़ाना महंगा पड़ सकता है। आने वाले समय में यह केस एक मिसाल बन सकता है।

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