Laser amplifier में क्या है खास। (सौ. Freepik) 
टेक्नॉलजी

इंटरनेट से लेकर चिकित्सा तक, तकनीक में आएगी नई क्रांति

Internet of the future: वैज्ञानिकों ने लेज़र एम्प्लिफ़ायर विकसित किया है जो मौजूदा तकनीक की तुलना में 10 गुना तेज़ी से डेटा ट्रांसमिट करने की क्षमता रखता है।

सिमरन सिंह

Laser amplifier: वैज्ञानिकों ने एक ऐसा लेज़र एम्प्लिफ़ायर विकसित किया है जो मौजूदा तकनीक की तुलना में 10 गुना तेज़ी से डेटा ट्रांसमिट करने की क्षमता रखता है। यह खोज न केवल भविष्य के इंटरनेट की रफ़्तार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी बल्कि चिकित्सा, वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष तकनीक में भी बड़ा बदलाव लाने वाली है।

लेज़र एम्प्लिफ़ायर क्या होता है?

लेज़र एम्प्लिफ़ायर का मुख्य काम प्रकाश किरणों की तीव्रता बढ़ाना होता है। मौजूदा टेलीकॉम सिस्टम में इन्हीं की मदद से इंटरनेट सिग्नल्स को ऑप्टिकल फाइबर के ज़रिए भेजा जाता है। डेटा ट्रांसमिशन की सीमा मुख्य रूप से एम्प्लिफ़ायर की बैंडविड्थ पर निर्भर करती है, यानी कितनी तरंगदैर्घ्य (wavelengths) पर सूचना भेजी जा सकती है।

बढ़ता डेटा ट्रैफ़िक: एक चुनौती

स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म, स्मार्ट डिवाइस और जेनरेटिव AI के बढ़ते उपयोग से प्रतिदिन डेटा का बोझ तेजी से बढ़ रहा है। Nokia Bell Labs की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक दुनिया का डेटा ट्रैफ़िक दोगुना हो जाएगा। ऐसे में डेटा ट्रांसफर की गति और क्षमता को बढ़ाना बेहद ज़रूरी है।

हाई-इफ़िशिएंसी ऑप्टिकल एम्प्लिफ़ायर: नई खोज

शोधकर्ताओं ने एक हाई-इफ़िशिएंसी ऑप्टिकल एम्प्लिफ़ायर तैयार किया है जिसकी बैंडविड्थ 300 नैनोमीटर है, जबकि मौजूदा सिस्टम्स केवल 30 नैनोमीटर तक सीमित हैं। यही वजह है कि नया एम्प्लिफ़ायर 10 गुना ज़्यादा डेटा प्रति सेकंड भेज सकता है।

कैसे करता है काम?

  • यह सिलिकॉन नाइट्राइड से बना है, जो उच्च तापमान सहने में सक्षम है।
  • इसमें स्पाइरल-शेप्ड वेवगाइड्स लगाए गए हैं जो लेज़र पल्स को अधिक कुशलता से दिशा देते हैं और सिग्नल में गड़बड़ी घटाते हैं।
  • इसका सूक्ष्मीकरण (Miniaturization) हो चुका है, यानी कई एम्प्लिफ़ायर एक ही छोटे चिप पर फिट हो सकते हैं।
  • इसमें फोर-वेव मिक्सिंग तकनीक का उपयोग किया गया है, जो अलग-अलग ऑप्टिकल फ़्रीक्वेंसी को जोड़कर आउटपुट मज़बूत बनाती है और शोर (Noise) को कम करती है।

सिर्फ इंटरनेट ही नहीं, यहां भी होगा इस्तेमाल

इंटरनेट की गति बढ़ाना इसका सबसे बड़ा लाभ है, लेकिन इसके और भी उपयोग हैं

  • मेडिकल इमेजिंग और डायग्नोसिस
  • होलोग्राफी और माइक्रोस्कोपी
  • स्पेक्ट्रोस्कोपी और वैज्ञानिक विश्लेषण

शोधकर्ताओं के मुताबिक, इसमें थोड़े बदलाव कर इसे दृश्य प्रकाश (400–700 nm) और विस्तृत इन्फ्रारेड (2000–4000 nm) रेंज में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह बीमारियों का जल्दी और सटीक पता लगाने में मददगार साबित हो सकता है।

भविष्य की झलक

यह तकनीक न सिर्फ इंटरनेट को 10 गुना तेज़ बनाएगी बल्कि चिकित्सा, वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष क्षेत्रों में भी क्रांति ला सकती है। छोटे आकार और किफायती कीमत के कारण आने वाले समय में यह आम उपभोक्ताओं की पहुंच तक भी पहुंच सकती है।

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