Online Shopping Fraud: दिवाली के मौके पर Flipkart, Amazon, Zepto और Swiggy जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर जमकर फेस्टिव सेल का आयोजन हुआ। महंगे से महंगे प्रोडक्ट्स पर भारी डिस्काउंट्स की बौछार ने ग्राहकों को आकर्षित किया। हालांकि, इस सेल के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है कई यूजर्स को ड्रिप प्राइसिंग स्कैम का शिकार होना पड़ा, जहां डिस्काउंट के नाम पर हिडन चार्ज लगाकर ग्राहकों से ज्यादा रकम वसूली गई। इस पर अब भारत सरकार ने भी सख्त चेतावनी जारी की है।
ड्रिप प्राइसिंग स्कैम एक तरह का Dark Pattern है, जिसका इस्तेमाल कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों को धोखा देने के लिए करते हैं। इसमें पहले प्रोडक्ट की कीमत डिस्काउंट के बाद काफी कम दिखाई जाती है, लेकिन ऑर्डर करते समय अलग-अलग हिडन चार्ज जोड़ दिए जाते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी वेबसाइट पर कोई स्मार्टवॉच ₹1,000 में दिख रही है, तो ऑर्डर के समय उस पर कंवीनियंस फीस, पैकिंग चार्ज या हैंडलिंग फी जोड़ दी जाती है। नतीजा यह होता है कि ग्राहक को अंत में प्रोडक्ट उसकी असली कीमत से भी ज्यादा पैसे देकर खरीदना पड़ता है। यही प्रक्रिया ड्रिप प्राइसिंग स्कैम कहलाती है।
उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों के बाद भारत सरकार के उपभोक्ता मंत्रालय ने ऐसे प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी है जो Misleading Discounts दिखाकर ग्राहकों को धोखा दे रहे हैं। मंत्रालय ने साफ किया है कि किसी भी कंपनी को ग्राहक से छिपे चार्ज वसूलने या गलत प्राइसिंग दिखाने की अनुमति नहीं है। सरकार का कहना है, "यदि कोई प्लेटफॉर्म किसी प्रोडक्ट की वास्तविक कीमत या चार्ज की जानकारी स्पष्ट रूप से नहीं देता, तो यह उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है।"
अगर आप भी किसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ड्रिप प्राइसिंग स्कैम के शिकार हुए हैं या आपको डिस्काउंट के बावजूद अधिक रकम चुकानी पड़ी है, तो आप इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
सरकार का उद्देश्य ऑनलाइन शॉपिंग अनुभव को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है, ताकि कोई भी ग्राहक इस तरह के स्कैम का शिकार न हो।