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Gemini से रची गई दुनिया की बड़ी डिजिटल ठगी! Google ने 9000 फर्जी वेबसाइट बनाने वाले चीनी गिरोह पर किया मुकदमा

Google Sues AI Scam: गूगल ने गूगल जेमिनी एआई का गलत इस्तेमाल कर 9,000 फर्जी वेबसाइट और 25 लाख स्कैम मैसेज तैयार करने वाले एक बड़े चीनी साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

अमन उपाध्याय

Google Sues AI Scam Fake Websites: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत ने जहां दुनिया के लिए नई संभावनाएं खोली हैं, वहीं इसके दुरुपयोग ने साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां भी पैदा कर दी हैं। हाल ही में तकनीकी दिग्गज Google ने एआई-आधारित एक बड़े साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई की है। गूगल ने अमेरिका की एक अदालत में Outsider Enterprise नामक गिरोह पर मुकदमा दायर किया है, जिस पर गूगल Google Gemini AI की मदद से हजारों फर्जी वेबसाइट और लाखों Scam Messages बनाने का आरोप है।

Gemini AI की मदद से तैयार किए खतरनाक फिशिंग टूल

गूगल द्वारा दायर मुकदमे के अनुसार, यह गिरोह चीन से संचालित हो रहा था और टेलीग्राम जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इस नेटवर्क ने गूगल की अत्याधुनिक AI तकनीक, Gemini का इस्तेमाल करके लगभग 131 अलग-अलग फिशिंग किट विकसित कीं। इन टूल्स की विशेषता यह थी कि इनकी मदद से बनाए गए फर्जी मैसेज और नकली वेबसाइटें बिल्कुल असली जैसी दिखाई देती थीं। अपराधियों ने गूगल, यूट्यूब, न्यूयॉर्क के EZPass टोल सिस्टम और अमेरिकी डाक सेवा (USPS) जैसी विश्वसनीय संस्थाओं के नाम का सहारा लेकर आम लोगों को झांसे में लिया।

9,000 फर्जी वेबसाइट और डेटा चोरी का जाल

मुकदमे के दस्तावेजों से पता चला है कि इस गिरोह ने करीब 10 लाख से अधिक खतरनाक इंटरनेट एड्रेस (URLs) तैयार किए थे। गिरोह ने 9,000 ऐसी फर्जी वेबसाइटें बनाईं, जो क्रेडिट कार्ड की जानकारी, व्यक्तिगत पासवर्ड और अन्य संवेदनशील डेटा चोरी करने के लिए डिजाइन की गई थीं। गूगल ने बताया कि मई के महीने में महज दो सप्ताह के भीतर इस नेटवर्क ने एंड्रॉयड यूजर्स को 25 लाख से अधिक स्कैम टेक्स्ट मैसेज भेजे। हालांकि, सतर्कता बरतते हुए गूगल ने इसी दौरान लगभग 55,000 संदिग्ध मैसेजों की पहचान कर यूजर्स को समय रहते चेतावनी भी दी थी।

FBI और बड़ी टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर कार्रवाई

यह पहली बार है जब गूगल ने एआई के गलत इस्तेमाल से होने वाले साइबर अपराध के खिलाफ इस स्तर पर कानूनी युद्ध छेड़ा है। कंपनी इस मामले की तह तक जाने के लिए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI और प्रमुख टेलीकॉम प्रदाताओं जैसे AT&T, Verizon और T-Mobile के साथ मिलकर काम कर रही है।

गूगल का मानना है कि भविष्य में ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए तकनीकी कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच ऐसा सहयोग अनिवार्य है, क्योंकि AI ने अब साइबर हमलों को पहले से कहीं अधिक सटीक और खतरनाक बना दिया है। हालांकि अभी इस ठगी से हुए वित्तीय नुकसान का सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें करोड़ों डॉलर की धोखाधड़ी की गई है।

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